ललितपुर। जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस असफल नजर आ रही है। यहां पर बीते दो माह से अब तक एक दर्जन से अधिक चोरियां हो चुकी हैं। इनमें अधिकांश घर ही निशाना बनाए गए हैं। वहीं, हत्याओं जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देकर अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर बने हुए हैं। शहर में लगातार गंभीर अपराध बढ़ते जा रहे हैं। यहां पर एक के बाद एक आपराधिक घटनाएं हो रहीं हैं। इसके बाद भी पुलिस महकमा सुस्त बना हुआ है। इससे जिले में आए दिन चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अब तक इनका खुलासा नहीं हो सका है। लगभग डेढ़ माह का समय बीतने के बाद अब तक कई चोरियों के मामले सामने आए हैं। लेकिन अब तक चोरों का सुराग नहीं लग सका है। लगातार चोरी की घटनाएं होने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
केस- एक
शहर के मोहल्ला गांधीनगर चंडी मंदिर के पास निवासी परमानंद तिवारी अपने दूसरे मकान पर थे। इसी दौरान भैंसों के आने पर बांधने के लिए दूसरे मकान पर गया। जहां जेवरात व नकदी नहीं मिला।
केस नंबर दो
मोहल्ला गांधीनगर निवासी धीरज सिंह अपने परिवार अपने गांव सिंदवाहा गया। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मकान का ताला तोड़कर घर में रखे रुपये व नकदी चोरी कर लिए।
केस नंबर तीन
नई बस्ती मोहल्ला निवासी सुनील कुमार डिमोले पुत्र महेंद्र नौ जुलाई को अपने परिवार के साथ ग्राम बारौद चला गया था। इसी दौरान चोरों ने ताला तोड़कर घर में रखी नकदी व जेवरात चोरी कर ली।
केस नंबर चार
मोहल्ला सिविल लाइन चांदमारी क्षेत्र में चोर हजारों रुपये की नकदी व जेवरात ले गए। अर्जुन सिंह मकान का ताला लगातार परिवार सहित झांसी गए थे। इसी दौरान चोर जेवरात चोरी कर ले गए थे।
केस नंबर पांच
थाना कोतवाली अंतर्गत सिंचाई विभाग की डैम कॉलोनी में एक क्लर्क के घर 15 हजार रुपये की नकदी और जेवरात चोरी हो गए, पवन तिवारी परिवार संग जन्माष्टमी पर मथुरा गए थे। तभी घर में चोरी हो गई।
जनपद में चोरियों के खुलासे के लिए पुलिस सक्रिय बनी हुई है। खुलासे को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही चोरियों के खुलासे किए जाएंगे।
- ब्रजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
दर्जनों चोरियों का खुलासा नहीं कर पा रही पुलिस
लोगों ने खुलासे के लिए अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। नगर में पिछले दिनों हुईं आधा दर्जन से अधिक चोरियों में कोतवाली पुलिस किसी का भी पर्दाफाश करने में असफल साबित रहीं। कई चोरियों के खुलासे की बात दूर उन्हें तो पुलिस ने अपने रिकार्ड में दर्ज तक नहीं किया। लोगों ने खुलासे के लिए अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
चोरों ने सबसे पहले अंजनी नगर में अनीता शर्मा और पूराकलां निवासी नूर मुहम्मद के मकान से चोरी की। इसके बाद उन्होंने चौबयाना मुहल्ला में खांदी के घटिया के पास रहने वाले मुकेश गुप्ता के मकान से चोरी की घटना को उस समय अंजाम दिया। जब अपने बच्चें के पास इंदौर गया था और लॉकडाउन में इंदौर से वापस नहीं आ सका था।
चोरों ने फिर रानीपुरा में सबसे पहले संतोष पुत्र आशाराम झा के सूने मकान से 14 जून की रात में चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोर वहां से पचास हजार की नकदी और जेवरात लेकर चंपत हो गए। इसके बाद रानीपुरा में ही निवासी करने वाले जयसिंह राजा परमार के यहां से 7 जुलाई को एक लाख दस हजार की नकदी और जेवरात चोरी हुई। जिसका मामला लगभग 15 दिन बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक आरोपी के खिलाफ नामजद दर्ज हुआ।
इसके बाद चोरों ने बारह पत्थर के समीप निवास करने वाले भुवानी सिंह यादव के यहां चोरी हुई। लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों को पुलिस ने चोरियों में शामिल होने की आशंका के चलते कब्जे में लिया था। बाद में मामला रफा-दफा कर दिया गया।
25 जुलाई को चोरों ने 66 केवी के पीछे रहने वाले अधिवक्ता सुनील कुुमार श्रीवास के सूने मकान का ताला तोड़ कर नकदी और जेवरात साफ किए। इसके चंद दिनों बाद ही चोरों ने प्रमोद कुमार के मकान से चोरी हुई।
दो अगस्त की रात चोरों ने ग्रामसभा खांदी के मजरा गनेशुपरा निवासी मौजीलाल पुत्र तुलसी रैकवार तथा धनीराम कुशवाहा पुत्र पचू कुशवाहा के मकान से हजारों रुपये की नकदी और जेवरात चोरी किए। बदमाशों ने इंदल यादव के यहां भी घुसने का प्रयास किया, परंतु वह सफल न हो सके।
कड़ेसराकलां में भी दिखी चोरों की चहलकदमी
कड़ेसराकलां। नगर के बाद चोरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। सोमवार की रात चोरों ने गांव के कुछ लोगों के मकानों में घुसने का प्रयास किया परन्तु लोगों के जागने पर वह सफल न हो सके।