भारतीय जनता पार्टी ने बुंदेलखंड में बसपा के प्रभाव को कम करने का खाका तैयार कर लिया है। इसके मद्देनजर परिवर्तन यात्रा का स्थल ललितपुर चुना गया है। पिछले चुनाव में ललितपुर की दोनों सीटें बसपा के खाते में गई थीं। यही नहीं, समूचे बुंदेलखंड में पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ था। अब इस परिवर्तन यात्रा के जरिए अपने पक्ष में माहौल बनाने की तैयारी है।
भाजपा ने भले ही लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया था, लेकिन विधानसभा चुनाव उनके लिए आसान नहीं है। खासकर बुंदेलखंड में बहुजन समाज पार्टी सबसे बड़ी अड़चन है। यहां दलित एवं पिछड़े वर्ग का झुकाव कु छ वर्षों से बसपा की तरफ है। पिछले चुनाव में इस गठजोड़ के सहारे ललितपुर की दोनों सीटें बसपा की झोली में चली गई थी। इतना ही नहीं, झांसी में भाजपा के हाथ झांसी सदर सीट ही लगी थी। इससे सबक लेकर अब भाजपा कोई गलती करने के मूड में नहीं है।
प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू हो गई हैं। जिसके तहत चार जगहों से परिवर्तन यात्रा प्रारंभ की जा रही हैं। इन यात्राओं के लिए पूर्वांचल में बलिया, पश्चिमी यूपी में सहारनपुर, बुंदेलखंड में ललितपुर और दक्षिणांचल में सोनभद्र को चुना गया है। ललितपुर के अंतिम छोर देवगढ़ से यात्रा का शुभारंभ होगा जो ग्राम जाखलोन, पाली, बंगरिया, बिरधा, खितवांस, महरौनी, मड़ावरा तक पहुंचेगी। इसी दिन शाम को यात्रा वापस ललितपुर आएगी। रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन यात्रा ललितपुर, जखौरा, बांसी, बार, पूराकलां, तालबेहट से होकर झांसी रवाना हो जाएगी। परिवर्तन यात्रा का प्रभारी राष्ट्रीय मंत्री व असम के चुनाव प्रभारी रहे डा. महेंद्र सिंह को बनाया गया है। यात्रा हर विधानसभा क्षेत्र में एक दिन का समय बिताएगी। दीपावली के पश्चात यात्रा के शुभारंभ होने की संभावना है। इस दौरान यात्रा में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। नुक्कड़ सभाओं के जरिए लोगों को लुभाने का प्रयास किया जाएगा। बीते दिनों प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने यात्रा के शुभारंभ स्थल देवगढ़ का जायजा लिया था।