ललितप़ुर। बुधवार वैशाख पूर्णिमा को बौद्ध धर्मावलंबियों ने भगवान गौतम बुद्ध की जयंती धूमधाम से मनाई। इस अवसर पर लोगों ने घरों को फूलों से सजाया और दीप जलाकर प्रार्थनाएं कीं और बौद्ध धर्म ग्रंथों का पाठ कर खुशियों का इजहार किया। बौद्ध भिक्खु डा. सुमेध थेरो ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा का महत्व केवल गौतम बुद्ध की जयंती से ही नहीं जुड़ा है। इसी दिन उन्हें बोध गया में बोधि वृक्ष के नीचे सत्य का ज्ञान (बुद्धत्व की प्राप्ति) और कुशीनगर में उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ था। कुल मिलाकर गौतम बुद्ध का जन्म, सत्य का ज्ञान और महापरिनिर्वाण वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुआ।
उन्होंने बताया कि भारत के साथ साथ चीन, नेपाल, सिंगापुर, वियतनाम, थाइलैंड, जापान, कंबोडिया, मलेशिया, श्रीलंका, म्यांमार, इंडोनेशिया, पाकिस्तान सहित पूरी दुनियां में 180 करोड़ लोग बुद्ध के अनुयायी हैं। भारत के बिहार स्थित बोध गया बुद्ध के अनुयायियों सहित हिंदुओं के लिए भी पवित्र धार्मिक स्थल है। कुशीनगर में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लगभग एक माह तक मेला लगता है। श्रीलंका जैसे कुछ देशों में इसे वैशाख उत्सव के रूप में मनाते हैं। बौद्ध अनुयायी इस दिन अपने घरों में दिए जलाते हैं और फूलों से घर सजाते हैं। प्रार्थनाएं करते हैं, बौद्ध धर्म ग्रंथों का पाठ किया जाता है। वैशाख पूर्णिमा को स्नान दान का भी महत्व माना जाता है। इस अवसर पर शालिनी सिंह, सुरेश कुमार सिंह, मीना अहिरवार, राजेंद्र कुमार, श्रवण कुमार, मनीष कुमार, शशि राज, चारू सिंह उपस्थित रहे । सभा की अध्यक्षता संयोजक डा. भिक्खु सुमेध थेरो ने तथा संचालन सतीश चंद्र गौरव ने किया ।