बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा व सपा ने जनता को लूटने का काम किया है। केंद्र सरकार ने बडे़- बडे़ वादे किए लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। जनता को छलने का काम किया गया। प्रदेश में उत्तम कानून व्यवस्था और विकास के लिये बसपा की सरकार बनाना जरूरी है। प्रदेश में बसपा की सरकार बनेगी तो कोई किसान परेशान होकर नहीं मरेगा। बसपा सुप्रीमो मायावती सभी किसानों के एक लाख रुपये के कर्ज माफ करेंगी। श्री मिश्रा रविवार को सिंघई पेट्रोल पंप के पीछे मैदान में आयोजित चुनावी जन सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव करीब देखकर अपनी वादाखिलाफी से जनता का ध्यान हटाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का फरमान सुना दिया। पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़े 150 लोगों की मौत हो गयी। नोटबंदी के फैसले से देश की अर्थ व्यवस्था गड़बड़ा गई। अनेक लोग बेरोजगार हो गये। इस क्षेत्र की जनता ने लोकसभा के चुनाव में जो सांसद चुनीं वह कभी यहां नहीं आयीं और विकास कार्य भी नहीं कराये जो सरासर जनता के साथ छलावा है। भाजपा और सपा आपस में मिले हुये हैं जो मिल जुलकर लूट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनते ही लूट,डकैती,हत्या,बलात्कार,अवैध खनन और गुंडागर्दी बढ़ गई थी। इस सरकार में आम जनता सुरक्षित नहीं है। मुख्यमंत्री अखिलेश जिस एक्सप्रेस वे का जिक्र करते हैं उसके निर्माण में काफी बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता इस चुनाव में सपा सरकार को नकार देगी। प्रदेश में मायावती के नेतृत्व वाली बसपा की सरकार ही बनेगी। उन्होंने कहा कि झूठे वायदों वाली भाजपा और सपा सरकार को पटखनी देने के लिये बसपा को सत्ता में लायें। उन्होंने 23 फरवरी को अपने मताधिकार का प्रयोग प्रदेश हित में बसपा प्रत्याशी के पक्ष में करने की अपील की।
देरी से पहुंचे
महरौनी(ललितपुर)- बहुजन समाज पार्टी की महरौनी में आयोजित चुनावी सभा में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचन्द्र मिश्रा अपने पूर्व निर्धारित समय दोपहर दो बजे की जगह शाम साढ़े पांच बजे सभास्थल पर पहुंचे। दोपहर से सभास्थल पर इंतजार कर रहे जनता का धैर्य जवाब दे गया और अधिकांश लोग अपने घर लौट गये। हालांकि बसपा के स्थानीय नेता मंच से भाषण देकर जनता को रोकने की कोशिश करते रहे लेकिन इंतजार लंबा होने के कारण क्षेत्र से आयी जनता मुख्य अतिथि के आने से पहले ही लौट गयी। इस कारण सभा स्थल पर ज्यादा भीड़ नहीं रही।