तालबेहट (ललितपुर)। अध्यापिका की पिटाई से बच्ची की एक आंख की रोशनी जाने का आरोप लगाते हुए जिला मुख्यालय पर अनशन पर बैठी महिला की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी अध्यापिका, उसके पति और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला दो वर्ष पुराना है।
विकास खंड तालबेहट के अंतर्गत ग्राम रामपुर के मजरा लटुवा हाल निवासिनी तालबेहट मोहल्ला चौबयाना वार्ड 3 की ममता पत्नी स्वर्गीय मौजी ने पुलिस को दिए शिकायत पत्र में अवगत कराया था कि दो वर्ष पहले उसकी पुत्री रोशनी कक्षा चार में नगर के डीसी रोड स्थित एक विद्यालय में पढ़ती थी। आरोप है कि 13 अगस्त 2018 को उसकी पुत्री रोशनी को अध्यापिका आरती गुप्ता ने आंख में थप्पड़ मार दिया था। जिससे उसकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई थी। इस मामले को लेकर उसने उसी समय कोतवाली पुलिस में शिकायत की थी लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने राज्य महिला आयोग, जिलाधिकारी एवं मानवाधिकार आयोग को भी पत्र लिखा था। लेकिन दो वर्ष गुजर जाने तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई। तो मजबूरन उसे बच्चों के साथ घंटाघर पर अनशन पर बैठना पड़ा। महिला का आरोप है कि अध्यापिका और उसका पति अनिल गुप्ता उसे जान से मारने की धमकी देने लगे थे। आरोप यह भी है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा भी प्रलोभन दिया गया और धरना- प्रदर्शन करने से मना किया गया। पीड़िता का कहना है कि मेरे या मेरे परिवार के सदस्यों के साथ कोई घटना होती है तो उसके जिम्मेदार यह तीनों होंगे।
पीड़ित छात्रा की मां के शिकायत पत्र पर अध्यापिका, उसके पति एवं वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
मनोज कुमार वर्मा, कोतवाली प्रभारी