कुकृत्य में असफल होने पर की गई बच्चे की हत्या
ललितपुर। शहर के मोहल्ला भदइयांपुरा से तीन दिन पूर्व अपहृत हुए आठ वर्षीय बालक के साथ कुकृत्य में असफल होने पर उसकी हत्या कर दी गई। तीन आरोपियों की निशानदेही पुलिस ने एक नाले से अपहृत बच्चे का शव बरामद कर लिया। पकड़े गए तीनों आरोपी मृतक के पड़ोसी हैं।
शनिवार को पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि तीन दिन पूर्व मोहल्ला भदईयांपुरा निवासी दीपक कुशवाहा ने पुत्र हर्ष के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थीं। अपहृत बालक की खोजबीन शुरु कर दी गई। पुलिस ने छानबीन के दौरान दीपक के तीन पड़ोसियों को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए उठा लिया। तीन दिन तक वह पुलिस को लगातार गुमराह करते रहे, लेकिन चौथे दिन पुलिस की सख्ती से उन्होंने राज खोल दिया। शनिवार की दोपहर में पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अपहृत बालक के शव को बरामद कर लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहृत बालक की तलाश के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता, क्षेत्राधिकारी सदर राजा सिंह, थाना कोतवाली प्रभारी आलोक सक्सेना, स्वॉट टीम प्रभारी राजकुमार यादव, सर्विलांस प्रभारी गुलाम हुसैन की तीन टीमें गठित की गई थीं। पकड़े गए आरोपियों ने हर्ष की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया और उनकी निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया।
तीनों आरोपियों ने बताया कि हत्या से पूर्व उसके साथ कुकृत्य करने का प्रयास किया था, जब वह असफल रहे तो बालक की गला दबाकर हत्या कर दी और शव शहर के चार-पांच किलोमीटर दूर बाईपास स्थित कॉशीराम कॉलोनी के आगे झिन्ना नाले के पानी में फेंक दिया। इसके बाद परिजनों को भ्रमित करने के लिए फिरौती का ढोंग रचा, ताकि इन लोगों पर कोई शक न कर सके। पकड़े गए आरोपियों में मुहल्ला भदईयांपुरा निवासी संजू कुशवाहा पुत्र गेंदालाल, सुनील पुत्र खेत सिंह और हरी पुत्र फूलचंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
चोरी के मोबाइल से मांगी थी फिरौती
बालक के अपहरण और हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपियों ने कुछ दिन पूर्व एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी कर लिया था। फिरौती की मांग के लिए उसी मोबाइल का प्रयोग किया था।
काफी पहले से कर रहे थे घटना की तैयारी
पकड़े गए तीनों आरोपी उक्त बालक के साथ इस प्रकार की घटना को अंजाम देने के लिए काफी समय पहले से तैयारी कर रहे थे। आरोपियों ने बताया कि बच्चे को बेहोश करके बोरा में बंदकर ले गए थे।
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पहचानी जगह ही फेंका बालक का शव
दो आरोपियों के खेत नाले से लगे हुए हैं, जहां उन्होंने शव को फेंका था। आरोपियों के खेत पास में होने के कारण वह यहां अक्सर जाते रहते थे। हत्या से पूर्व बच्चे के दोनों हाथ बांधे गए थे, जब शव बरामद हुआ तो उस दौरान भी हाथ बंधे हुए थे। कपड़े फटे हुए थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि बालक का मृत्यु से पूर्व आरोपियों से कुछ समय संघर्ष भी हुआ होगा। बालक के शव को शीशम के पेड़ से रस्सी के सहारे बांधा गया था।
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टीम को पुरस्कार की घोषणा
हत्याकांड व अपहरण की घटना का पटाक्षेप करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली आलोक सक्सेना, प्रभारी स्वॉट टीम राजकुमार यादव, प्रभारी सर्विलांस सेल गुलाम हुसैन, उपनिरीक्षक मुलायम सिंह, संदीप सेंगर, अजय, नबाब, स्वॉट टीम के शत्रुन्जय, अरुण त्रिपाठी, जायद अली, देवेंद्र, इमरान, रविंद्र प्रताप सिंह, जगदीश चौहान, सलाउद्दीन, रवीश, छोटे खान, प्रवेंद्र तिवारी, संदीप कुमार शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने घटना का अनावरण करने के लिए 15 हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की।
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यह था मामला
मोहल्ला भदईयांपुरा निवासी दीपक कुशवाहा मजदूरी को गया था और पत्नी बाजार गई थी, जबकि आठ वर्षीय पुत्र हर्ष कुशवाहा अपनी बहन के साथ गली में खेल रहा था। इसी दौरान कुछ लोग आए और बहन को बीड़ी बंडल लेने के लिए दुकान पर भेज दिया, बहन बंडल लेकर लौटी तो उसे दोबारा दुकान पर भेज दिया। जब बहन लौटी तो उसे मोबाइल पकड़ा दिया, जिससे वह अपने भाई के बारे में न पूछे और हर्ष गायब हो गया। जब हर्ष की मां बाजार से लौटी तो उसने पुत्री से हर्ष के बारे में पूछा, लेकिन वह कुछ नहीं बता सकी। इसके बाद जब हर्ष कहीं दिखाई नहीं दिया तो मां बेचैन हो उठी और उसने पति को फोन कर हर्ष के लापता होने की जानकारी दी। इसके बाद पूरा परिवार पुत्र की खोजबीन में जुट गया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद दीपक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अपहरण का मुकदमा लिखाया। उसी दिन शाम को लगभग पांच बजे अज्ञात मोबाइल से फोन कर आरोपियों ने हर्ष को सकुशल बरामदगी के लिए पांच लाख रुपये की फिरौती की मांग की।