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Lalitpur News: उधार लेकर किताबें खरीदी और फीस भरी...जिले में दूसरा स्थान आया तो मां की आंखें हुईं नम

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। बेटी की पढ़ाई के लिए जब किताबें खरीदने और फीस भरने की भी व्यवस्था नहीं हुई तो पिता ने उधार रुपये लेकर इन जरूरतों को पूरा किया। शनिवार को जब परिणाम आया तो प्रिंसी 95.20 फीसदी अंक पाकर इंटरमीडिएट में जिले में दूसरी टॉपर बन गई। उसकी मां सूरज ने जैसे ही यह खबर सुनी, उसकी आंखें छलक उठीं। पिता भी खुशी से झूम उठा।
महरौनी के ग्राम पठा स्थित जय मां पठादेवी इंटर कॉलेज की छात्रा प्रिंसी कुशवाहा के पिता वीरेंद्र कुशवाहा पेशे से किसान व मजदूर हैं। मां सूरज गृहिणी हैं। वीरेंद्र ने बताया कि उसके पास दो एकड़ भूमि है। खेती-किसानी से सिर्फ परिवार के खाने-पीने की ही व्यवस्था हो पाती है। उसका सपना है कि उसकी बड़ी पुत्री प्रिंसी पढ़-लिखकर आगे बढ़े, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने से तमाम परेशानियों से जूझना पड़ा। प्रिंसी व दो पुत्रों प्रिंस और अरुण को पढ़ाने के लिए वह मजदूरी करता रहा। लेकिन स्कूल की फीस, किताबें और ड्रेस सहित अन्य सामान खरीदने में काफी दिक्कतें आईं। हाल ये रहा कि प्रिंसी की इंटर की किताबें और फीस भरने के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। इसके लिए गांव के एक व्यक्ति से उधार रुपया लिया। उधार चुकाने के लिए गांव के ही उक्त व्यक्ति के खेतों की रखवाली की। वीरेंद्र अपनी बेटी प्रिंसी से कहते थे कि वह सिर्फ पढ़ाई करे। प्रिंसी भी दिन में स्कूल जाती और घर आकर पढ़ाई में जुट जाती। प्रिंसी अब डॉक्टर बनना चाहती है और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती है।
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खुद पांचवीं पास, लेकिन पुत्री को बनाना चाहता डॉक्टर
वीरेंद्र स्वयं पांचवीं पास है। वह प्रिंसी को पढ़ाकर डॉक्टर बनाना चाहता है। दोनों पुत्रों को भी सरकारी अधिकारी बनाने की चाहत है। वीरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से उसे बीच में पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी, लेकिन वह अपने बच्चों को बीच में पढ़ाई छोड़ने नहीं देगा। इसके लिए वह व पत्नी दोनों दिन रात मेहनत मजदूरी करेंगे।
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अव्वल आए विद्यार्थियों को कॉलेज प्रबंधन ने किया सम्मानित
ललितपुर। एवीएम इंटर कॉलेज की 12वीं की छात्रा सुहानी विश्वकर्मा ने 95.40 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया था तो आर्ची अलया ने 95.20 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में द्वितीय स्थान और करीना राजपूत ने 93.60 प्रतिशत अंकों के साथ नौवां स्थान प्राप्त किया। चेयरमैन कैलाश नारायण ड्योडिया ने बच्चों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। डायरेक्टर श्रेयश ड्योडिया ने विधार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान प्रधानाचार्य शिवराम झा, अमितप्रिय नामदेव, दीप्ति अरोरा, निधि विश्वकर्मा आदि मौजूद रहीं।
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