ललितपुर। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कभी ब्लड की कमी नहीं हुई, लेकिन कोरोना काल में रक्त का टोटा पड़ गया है। 300 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में मात्र 17 यूनिट ही शेष बचा है। इससे पहले ब्लड बैंक से जिले के साथ झांसी की भी मांग पूरी होती थी। बी पॉजिटिव ग्रुप की सबसे अधिक कमी महसूस की जा रही है। जबकि सबसे अधिक मांग भी इसी रक्त समूह की है।
जनपद में 14 लाख की आबादी पर इकलौता रक्तकोष जिला अस्पताल परिसर में हैं, जिसमें 300 यूनिट रखने की क्षमता है। जनपद में 50 प्रतिशत बी पॉजिटिव व शेष में सभी ग्रुप के रक्त का की आवश्यकता है। यहां से प्रतिमाह लगभग 350 यूनिट रक्त मरीजों दिया जाता है। लेकिन बीते सात माहों से आए कोरोना काल से ब्लड बैंक में रक्त की कमी पड़ गई है। जहां रक्तकोष में ढाई सौ यूनिट रक्त स्टॉक में रहता था, अब यह सिमटकर 17 यूनिट तक रह गया है। इसका कारण कोरोना वायरस संक्रमण काल है। इससे जिले में न तो रक्तदाता रक्तदान करने के लिए आगे आ रहे हैं और न ही रक्तदान शिविर लग पा रहे हैं।
ब्लड बैंक से जननी सुरक्षा योजना व थैलेसमियां, कैंसर आदि के मरीजों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है। चिकित्सकों की मांग पर एक माह में लगभग 20 यूनिट रक्त बिना रिप्लेसमेंट के ही दिया जाता है। रक्त की कमी के चलते गंभीर बीमारियों व प्रसूताओं को अब बिना रिप्लेसमेट के रक्त देने में दिक्कतें आ रही है।
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ग्रुप मात्रा
ओ पॉजिटिव - 07 यूनिट
ए पॉजिटिव - 03 यूनिट
बी पॉजिटिव - 02 यूनिट
एबी पॉजिटिव - 04 यूनिट
ए निगेटिव - 00 यूनिट
बी निगेटिव - 01 यूनिट
ओ निगेटिव - 00 यूनिट
एबी निगेटिव- 00 यूनिट
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कुल उपलब्धता- 17 यूनिट