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भाजपा के चुनाव में हंगामा, कुर्सियां फेंकी

Mon, 28 Dec 2015 12:53 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष का चुनाव लड़ाई का अखाड़ा बन गया। नामांकन के लिए प्रस्तावक और समर्थक नहीं मिलने से नाराज नेताओं ने चुनाव स्थल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर निवर्तमान पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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यही नहीं, कार्यकर्ताओं ने गुस्से में बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां हवा में लहरा दी। माहौल बिगड़ता देख चुनाव स्थगित कर दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पद के लिए वर्णी कॉलेज के पास श्री गुरुनानक धर्मशाला में रविवार को सुबह नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। प्रांतीय परिषद एवं जिलाध्यक्ष पद के दावेदार अपना नामांकन करने के लिए पहुंचे। दिलचस्प बात यह रही कि दावेदारों को न तो प्रस्तावक और न ही कोई समर्थक मिला, जिससे उनके लिए नामांकन पत्र दाखिल करना मुश्किल हो गया।

नियमत: मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधियों को ही प्रस्तावक और समर्थक बनाया जा सकता है, लेकिन काफी इंतजार के बाद कार्यक्रम स्थल पर निर्वाचित मंडल अध्यक्ष व जिला प्रतिनिधि नहीं पहुंचे तो दावेदारों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने निवर्तमान पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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इसी दौरान उन्होंने मंडलाध्यक्ष व जिला प्रतिनिधि को बंधक बनाने का आरोप एक वरिष्ठ नेता पर लगाया। इस बात को लेकर मौके पर मौजूद नेताओं में बहस होने लगी। देखते ही देखते वह तू-तड़ाक में बदल गई। इसके बाद तो कुछ लोगों ने बैठने के लिए रखी कुर्सियां गुस्से में इधर-उधर फेंकनी शुरू कर दीं।
 
गुस्सा यही नहीं थमा, कुछ लोगों ने धर्मशाला के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। उनका कहना था कि यदि उन्हें प्रस्तावक व समर्थक नहीं मिले तो उनके भी नामांकन नहीं होने देंगे, जो मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधियों को रोके हुए हैं।
चुनाव अधिकारी अनुपमा जायसवाल व सहायक निर्वाचक अधिकारी अनिल यादव ने कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत करने का प्रयास किया। जब माहौल शांत नहीं हुआ तो दावेदारों को बिना प्रस्तावक व समर्थक के नामांकन पत्र भरने की अनुमति दे दी।

नामांकन पत्र जमा हुए
भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए एक दर्जन एवं प्रांतीय परिषद के लिए दो नामांकन पत्र जमा हुए, लेकिन मंडल अध्यक्ष, जिला प्रतिनिधि व अन्य दावेदार मौके पर उपस्थित नहीं हुए, जिससे  चुनाव अधिकारी ने चुनाव को टाल दिया। अब दो जनवरी को जिलाध्यक्ष का चुनाव होगा।

इनके भरे गए नामांकन
रविवार को जिलाध्यक्ष के लिए बारह एवं प्रांतीय परिषद के लिए दो नामांकन पत्र भरे गए। प्रांतीय परिषद को नामांकन करने वालों में मनोहर लाल कोरी उर्फ मन्नू और सुरेेश कुमार टोंटे रहे। वहीं, जिलाध्यक्ष पद के लिए रविशंकर अगरिया, कृष्ण बिहारी कुशवाहा, नीरज जैन, सुरेश प्रकाश कोंते, प्रताप विक्रम सिंह, अरविंद सिंघई, ठाकुर महेंद्र सिंह, धर्मेंद्र पाठक, आनंद देवलिया, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, धर्मेंद्र गोस्वामी व राघवेंद्र स्वरूप पटैरिया शामिल रहे।

इनका कहना है
चुनाव में कुछ लोगों ने व्यवधान डाला है, जिसकारण चुनाव को टालना पड़ा है। मंडल अध्यक्ष एवं जिला प्रतिनिधियों को बंधक बनाने की बात गलत है। चूंकि दावेदार ज्यादा थे, इसलिए वह दूसरे दावेदारों के प्रस्तावक और समर्थक बन गए थे। इससे कई दावेदारों के सामने प्रस्तावक और समर्थकों की कमी पड़ गई थी।
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- रामरतन कुशवाहा
क्षेत्रीय अध्यक्ष, भाजपा

जिलाध्यक्ष चुनाव के दौरान कुछ बाहरी लोग घुस आए थे, जिन्होंने उत्पात मचाया है। प्रदेश नेतृत्व के पास अधिकार सुरक्षित हैं। उसका ही निर्णय अंतिम होगा।
- प्रदीप चौबे,
 जिलाध्यक्ष भाजपा।
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