ललितपुर। जिला कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी की बैठक में प्रदेश सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। इस दौरान लचर कानून व्यवस्था के विरोध में थानों में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
जिला प्रभारी राजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है। आम आदमी से लेकर पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। जिलाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अकेले कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि सिंचाई और सड़क परियोजनाओं के टेंडरों में मनमानी हो रही है। वहीं, सड़कों का भी बुरा हाल है। पार्टी प्रदेश नेतृत्व ने पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली के विरोध में समस्त थानों में धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। पांच से नौ जुलाई तक जिले के विभिन्न थानों में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौप दी गई है। इस मौके पर रामरतन कुशवाहा, प्रदीप चौबे, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, हरीराम निरंजन, शालिकराम पुरोहित, बब्बूराजा बुंदेला, राजकुमार जैन, दीपक जायसवाल, कृष्ण बिहारी कुशवाहा, कमल ङ्क्षसह लोधी, सुरेश कोंते, चंद्रशेखर पंथ, रामेश्वर सड़ैया, देवेंद्र गुप्ता, रामनारायण पाठक, देवेंद्र गुरू, मज्जू सोनी, राजेश लिटौरिया, जगभान सिंह लोधी, राखी ताम्रकार आदि उपस्थित रहे।
मान मनोव्वल पर वापस लिया इस्तीफा
दो दिन पूर्व इस्तीफा देने वाले जिला मंत्री मनोज कुमार सोनी उर्फ मज्जू ने मान मनोव्वल के बाद जिला कार्यकारणी में लौट आए हैं। पिछले दिनों जिला मंत्री ने कार्यकारिणी पर अंगुली उठाते हुए अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद से ही मान मनोव्वल का दौर शुरू हो गया था। आखिरकार उन्होंने कार्यकारिणी में बने रहने पर सहमति व्यक्त कर दी। जिससे मामले का पटाक्षेप हो गया।