ललितपुर। प्रदेश के किसानों की दिन-प्रतिदिन हो रही बदतर स्थित को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के आह्वान पर जिलाध्यक्ष तिलक यादव एड. के नेतृत्व में राज्यपाल को एक ज्ञापन भेजा गया।
ज्ञापन में बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों से किसान और मजदूरों को गहरा आघात लग रहा है। शासन की नीतियों से कॉरपोरेट घरानों को फायदा होगा, जबकि किसानों और श्रमिकों की बदहाली और बढ़ेगी। कृषि, किसान व मजदूर ही कठिन समय में देश की अर्थव्यवस्था को संभालता है, लेकिन अब अन्नदाताओं को उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है। कृषि और श्रमिक कानूनों को वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेश में खेती बर्बाद हो जाएगी और श्रमिक बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे। किसानों के हित में भाजपा सरकार का रवैया अन्यायपूर्ण है। गन्ना किसानों का 13 हजार करोड़ रुपये बकाया है। किसान को फसल की लागत से डेढ़ गुनी कीमत देने, आय दुगनी करने और सभी कर्जे माफ करने के वादे अब हवा में रह गए। कृषि अध्यादेश के बाद भाजपा सरकार श्रमिक विरोधी औद्योगिक संबंध संहिता-2020 विधेयक ले आई है। श्रमिक कानून में बदलाव के बाद तो श्रमिकों का शोषण करने का पूरा अधिकार फैक्ट्री मालिकों को मिल जाएगा। अभी तक 100 कर्मचारी वाले औद्यौगिक प्रतिष्ठान बिना सरकारी मंजूरी लिए कर्मचारियों को हटा नहीं सकते थे। नई व्यवस्था में 300 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी सरकार से मंजूरी लिए बिना अब जब चाहे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है। उन्होंने किसानों, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, आप कृषि विधेयक तथा श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग की है। इस दौरान पूर्व सदर विधायक रमेश कुशवाहा, पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार, जिला महासचिव कृष्ण स्वरूप निरंजन, फूलसिंह यादव, ज्योति सिंह लोधी एड. महेंद्र यादव, महेंद्र सिंह यादव, अमर सिंह, विजय सिंह, नेपाल सिंह, जगदीश कुशवाहा, रामदास श्रोतीय, नीलेश झा, राजेश यादव, रहीश सिंह, गिरधारी यादव, हाजी रिजवान, शिवम मिश्रा, सेतू यादव, परवेज पठान, पंकज श्रीवास, आदि मौजूद रहे।