जिले के चिह्नित आठ स्थलों पर समारोहपूर्वक बर्ड वाचिंग डे मनाया गया। इस दौरान बच्चों व बड़ों ने बांध व जलाशयों में हजारों पक्षी अठखेलियां करते हुए देखे। गोविंद सागर बांध पर हुईं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
सुबह छह बजे से ही गोविन्द सागर बांध पर नगर के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, अधिकारियों व स्कूली बच्चों को पहुंचना प्रारंभ हो गया था। जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार, मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार, डीएफओ वीके जैन ने प्रवासी पक्षियों को दूरबीन के सहारे देखा। वहीं, पक्षी विशेषज्ञ निकेष मिश्रा व देवेंद्र सिंह ने मौजूद नागरिकों व स्कूली बच्चों को पक्षियों को देखने व उनके पहचानने के तरीके बताए। इस मौके पर हुए कार्यक्रम में अशोक कुमार वन संरक्षक/क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। डीएम डा. रूपेश कुमार ने कहा कि पक्षी देशों की सीमा नहीं जानते हैं, इनसे हमें सीखने की आवश्यकता है।
डीएफओ वीके जैन ने बताया कि शरद ऋतु में प्रवासी पक्षियों का आना प्रारंभ हो जाता है। राजघाट बांध, शहजाद बांध एवं माताटीला बांध आदि जलाशयों में इन्हें देखा जा सकता है। शुक्रवार को जिले में 56 प्रकार की प्रजातियों के पक्षियों को 8 स्थानों पर देखा गया है जिनकी संख्या 9000 से अधिक है। अकेले गोविंद सागर बांध पर 1000 से अधिक स्कूली बच्चों, गणमान्य व्यक्तियों ने पक्षियों को देखा है। जिले के विभिन्न स्थानों पर कुर्च, ढोंमरा, गजपांव, सिलेटी सवन, ठेकरी, छोटा लालसर, अबलख बत्तख, सुरखा, कूट, सिलही, घोघिल आदि प्रजातियों के पक्षियों को देखा गया है। इस मौके पर हुई पोस्टर, पेंटिंग, निबंध प्रतियोगिता में डा. राजीव निरंजन ने सहयोग किया।
डीएम ने नेहरू महाविद्यालय, पहलवान गुरूदीन महिला महाविद्यालय, एमएसडी महाविद्यालय, दीपचन्द महाविद्यालय, नगर पालिका बालिका इंटर कालेज के छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस मौके पर जिला सूचना अधिकारी चंद्रचूड़ दुबे, सीएमओ डा. प्रताप सिंह, नपा ईओ राकेश कुमार, जीजीआईसी प्रधानाचार्य पूनम मलिक, भूपेंद्र जैन, नेमवि प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल, कोर्ट मैनेजर अनूपा राय, पूर्व प्राचार्य भगवत नारायण शर्मा, मनमोहन जड़िया, अजित कुमार जैन, संतोष शर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह, फिरोज इकबाल, एसडीओ आरके त्रिपाठी, वीके यादव, रेंजर जीपी शुक्ला, कमलापति त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
यहां भी हुआ कार्यक्रम
जखौरा रेंज में राजघाट बांध, माताटीला बांध, मानसरोवर तालाब, रोहिणी बांध, शहजाद बांध, सजनम बांध, जामनी बांध में सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक वर्ड बाचिंग कार्यक्रम हुआ।
अव्यवस्थाएं रहीं हावी
पक्षियों को देखने के लिए गत वर्ष प्रोजेक्टर की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इस बार प्रोजेक्टर नजर नहीं आया। कई नागरिकों को इससे असुविधा हुई। लोगों को बांध में तैरती चिड़िया एक जैसी ही नजर आ रही थी। कइयों ने बांध में नाव के सहारे प्रवासी पक्षियों को प्रजातिवार चिह्नित करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। हालांकि वन अफसर अपनी समझ अनुसार चिड़ियों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में बताते रहे, जिसे लोग आसानी से विश्वास नहीं कर पा रहे थे। कई अधिकारी अपनी फोटो कराते नजर आए तो कई लोगों ने अपनी सेल्फी कर सुबह की सैर का आनंद लिया।
चित्र प्रतियोगिता के दौरान भारी अव्यवस्था देखी गई। स्कूली छात्र/छात्राओं को बांध की पट्टी के सहारे कार्डशीट पर चित्र बनाने के निर्देश दिए गए, जिससे प्रतिभागियों को चित्र प्रतियोगिता एक कठिन परीक्षा के रूप में लगी।
सुरक्षा पर देना होगा ध्यान
मडावरा। रोहिणी बांध नर्सरी में बर्ड वाचिंग कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सब इंस्पेक्टर रामकरन सिंह यादव ने कहा कि प्रवासी पक्षियों को अनुकूल वातावरण मिले उनकी जान सुरक्षित रहे इसके लिए वन विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारियों को विशेष ध्यान देना होगा। कार्यक्रम में वन दरोगा संदीप रविकुल, सामाजिक कार्यकर्ता मानसिंह ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर वन दरोगा जेके सिंह, ऊदल सिंह, वन रक्षक ओपी सिंह, प्रेमचंद, संतोष सिंह, गणेशराम सिंह, श्यामसुंदर सिंह, सुरेश कुमार साहू, गयाप्रसाद, परशुराम व्यास, श्याम सिंह, रामदास, बीरेन्द्र सहाय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।