बिजली चोरी रोकने और निष्पक्ष जांच के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा हर जनपद में एक एंटी पावर थेप्ट यूनिट का गठन किया जाएगा। इसके तहत अब थाने में एफआईआर होगी और विवेचना क्राइम ब्रांच में गठित एंटी पावर थेप्ट यूनिट के प्रवर्तन दल द्वारा की जाएगी।
प्रदेश में बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा हर वर्ष नए-नए प्रयोग किए जाते रहे हैं। पूर्व में बिजली विभाग के अवर अभियंताओं को थानेदार के रूप में बिजली चोरी पर एफआइआर दर्ज कराने के पावर दिए जाने की प्रक्रिया खूब चर्चाओं मेें रही। इसके बाद अब पावर कार्पोरेशन द्वारा बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जनपद में चिह्नित थाने पर ही एफआईआर की प्रक्रिया की जाएगी। इसमें विद्युत अधिनियम की धारा 135, 138 से 141 एवं धारा 150 के अंतर्गत आने वाले मुकदमों की एफआईआर दर्ज कराने की व्यवस्था होगी। जनपद पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद की अपराध शाखा में विद्युत चोरी रोकने के लिए एक एंटी पावर थेप्ट यूनिट का गठन किया जाएगा। यह यूनिट जनपद में पंजीकृत बिजली चोरी के मामलों की विवेचना और उसी विवेचना के आधार पर न्यायालय में अभियोग की पैरवी का उत्तरदायी होगा।
जनपद में प्रवर्तन दल के लिए एक कार्यालय और जन विद्युत चोरी के अभियोग पंजीकृत करने के लिए थाना कोतवाली ललितपुर को चिह्नित किया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लखनऊ के अपर पुलिस महानिदेशक सतर्कता द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। विद्युत अधिशासी अभियंता शहरी डीआर विमलेश द्वारा इसकी पुष्टि की गई है। अभी तक विद्युत विभाग द्वारा विद्युत चोरी के मामले थानों में पंजीकृत कराए जाते थे और विवेचना भी थानों की पुलिस द्वारा ही की जाती थी, लेकिन अब पावर कार्पोरेशन ने इसमें संशोधन करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना और विवेचना के लिए अलग से एंटी पावर थेप्ट यूनिट बनाने का निर्णय लिया है, ताकि बिजली चोरी के मामलों में निष्पक्ष जांच कराई जा सके।