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50 बिजली मीटरों में ‘कारस्तानी’ उजागर

Sun, 01 Nov 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। विद्युत मीटरों में कारस्तानी कर बिजली चोरी करने के आधा सैकड़ा मामले सामने आए हैं। परीक्षण में नौ मीटरों में छेड़छाड़ की पुष्टि कर ली गई है, जबकि अन्य की प्रक्रिया जारी है। मीटरों में कारस्तानी करने वाले उपभोक्ताओं पर विभाग द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है अथवा विद्युत अधिनियम के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
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उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के निर्देश पर शहर में बिजली चोरी रोकने और ओवरलोड कम करने के लिए विद्युत चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा पुराने काले मीटर अथवा पुरानी प्रणाली के इलेक्ट्रॉनिक मीटर हटाकर नई प्रणाली के पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने का कार्य मीटर विभाग व कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराया जा रहा है। हर रोज विभाग द्वारा दर्जनों मीटर बदले जा रहे हैं। मीटर बदलने के बाद घरों या प्रतिष्ठानों से निकाले जाने वाले मीटरों को मीटर विभाग में परीक्षण के लिए ले जाकर जमा करा दिया जाता है।
 
इसके बाद इन मीटरों की जांच मीटर विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही है, जिसमें मीटर की सीलिंग, मीटर में आंतरिक इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों व तोड़फोड़ अथवा जले होने पर कारस्तानी की जांच पकड़ी जाती है। इसके बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित तिथि में बुलाकर स्थिति से अवगत कराया जाता है। साथ ही परीक्षण जांच रिपोर्ट भरकर संबंधित वितरण विभाग को भेज दी जाती है।  
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एक माह में मीटर विभाग द्वारा पुराने व खराब मीटर उखाड़कर जनपद में कुल 475 मीटर बदले गए। मीटर विभाग में जमा कराने के बाद उपखंड अधिकारी व अवर अभियंता द्वारा सभी मीटरों  की जांच के दौरान लगभग पचास से साठ मीटरों में कारस्तानी को देखते हुए उनकी परीक्षण जांच रिपोर्ट तैयार की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार टेंपर मीटर (छेड़छाड़ से खराब) होने की स्थिति में ऐसे उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगाया जाएगा, जो एक वर्ष के विद्युत बिल के भुगतान के बराबर होगा। इसके अलावा उस क्षेत्र के मीटर रीडरों से जवाब - तलब किया जाएगा। साथ ही जांच कराई जाएगी, यदि जांच में मीटर रीडर दोषी पाया जाता है तो उस पर भी दंडात्मक कार्रवाई होना तय है।  

मीटर रीडरों की भूमिका संदिग्ध
विद्युत विभाग द्वारा विद्युत बिलिंग का कार्य मीटर रीडरों की मदद से कराया जा रहा है, जो घर-घर जाकर मीटरों से रीडिंग लेकर उपभोक्ताओं को बिजली का बिल मुहैैया कराते हैं। ऐसे में मीटरों में कारिस्तानी होने पर मीटर रीडरों द्वारा आसानी से पकड़ी जा सकती है, लेकिन अब तक मीटर रीडरों द्वारा बिलिंग के दौरान एक भी मामले की शिकायत सामने नहीं आई है, जबकि मीटर विभाग की परीक्षण रिपोर्ट में मीटर टेंपर की पुष्टि की गई है। ऐसे में मीटर रीडरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जानकार के बिना कारस्तानी संभव नहीं
विद्युत मीटरों में कारस्तानी करना बिना किसी मीटर के जानकार के संभव नहीं है। मीटरों में कारस्तानी मीटर की अच्छी जानकारी रखने वाला, विद्युत विभाग का कर्मी, मीटर विभाग में कार्य करने वाला या मीटर लगाने वाले कर्मियों द्वारा ही की जा सकती है।

इनका कहना है-
विद्युत मीटरों में कारस्तानी पाए जाने यानी मीटर टेंपर होने की स्थिति में उस उपभोक्ता पर जुर्माना या एफआईआर अथवा दोनों कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। मीटरों में कारस्तानी पाए जाने पर उस क्षेत्र के मीटर रीडर की संलिप्तता की जांच कराई जाएगी। मीटर रीडर के संलिप्त होने की स्थिति में एफआईआर कराई जाएगी।
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- अखिलेश कुमार वर्मा
उपखंड अधिकारी प्रथम
विद्युत वितरण खंड ललितपुर।
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