ललितपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में संचालित अस्थाई/स्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण और अन्य व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन और समीक्षा समिति की बैठक में भूसा और चोकर की ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
डीएम योगेश कुमार शुक्ल ने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि 04 गोवंश के स्थान पर 06 गौवंश प्रत्येक पशुपालक को दें, जिससे उनको मनरेगा के अंतर्गत एक-एक शेड का लाभ दिया जा सके। उन्हें 04 गोवंश के भरण-पोषण हेतु 900 रुपये प्रति गोवंश की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में भेजी जा सके। महरौनी, पाली और तहसील सदर में सुपुर्द किये गए गोवंशों का स्थलीय सत्यापन शेष है। इस पर उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि स्थलीय सत्यापन की कार्रवाई शीघ्रता से पूर्ण करें। शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि समस्त पालतू पशुओं की टैंगिंग का कार्य 31 मार्च तक पूर्ण किया जाना है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम सभा से 01-01 वैक्सीनेटर और सहायक को नियुक्त कर कार्य पूर्ण कराया जाए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जनपद को 5386 गोवंशों की सुपुर्दगी का लक्ष्य आवंटित किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 4546 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 26 फरवरी को चोकर का प्रथम नमूना संयुक्त निदेशक न्यूट्रीशन पशुपालन विभाग लखनऊ को भेज दिया गया है। बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय उपस्थित रहे।