महरौनी। बुधवार को जैन मंदिरों में सोलहवें तीर्थंकर व पंचम चक्रवर्ती देवाधिदेव शांतिनाथ भगवान के जन्म तप व मोक्ष कल्याणक पर्व पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए जिसमें महामस्तकाभिषेक शांतिधारा के बाद भगवान शांतिनाथ महामंडल विधान के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाकर व आरती की गई।
अहिंसा सेवा संगठन के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन बेवीनार में संगठन के समूह प्रवक्ता राजेश जैन ने कहा कि जैन धर्म के सोलहवें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का जन्म ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी के दिन शुभ नक्षत्रों के योग में हुआ था। अध्यक्ष अंकित जैन चौधरी ने कहा बचपन में ही शिशु शांतिनाथ कामदेव के समान सुंदर थे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश जैन शास्त्री ने कहा कि राजा बने शांतिनाथ के शरीर पर जन्म से ही शुभ चिह्न थे, उनके प्रताप से वे शीघ्र ही चक्रवर्ती राजा बन गए। महामंत्री अभिषेक जैन ने कहा कि एक दिन भगवान शांतिनाथ दर्पण में अपना मुख देख रहे थे, तभी उनकी किशोरावस्था का एक और मुख दर्पण में दिखाई दिया और वह समझ गए कि पहले किशोर, फिर युवा और अब प्रौढ़ इसी प्रकार जीवन बीत जाएगा लेकिन उन्हें इस जीवन-मरण के चक्र से छुटकारा पाना है। उसी पल उन्होंने दीक्षा लेकर दिगंबर मुनि का वेश धारण कर लिया। मुख्य संयोजक जितेंद्र कुमार जैन ने कहा शांतिनाथ मुनि बनने के बाद लगातार सोलह वर्षों तक वनों में रहकर घोर तप करने के पश्चात अंतत: पौष शुक्ल दशमी को उन्हें केवल्यज्ञान की प्राप्ति हुई और वे तीर्थंकर कहलाए।
संगठन के संस्थापक विशाल जैन ने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अनेक प्रदेशों में धर्म का दुष्प्रचार कर रहे अनूप मंडल जैसे संगठनों के विरुद्ध ट्विटर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। साथ ही शासन से मांग की धार्मिक आस्था पर चोट कर भावनाओं को आहत करके देश में अराजकता फैला रहे संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस अवसर पर उपाध्यक्ष दिनेश कुमार जैन, संयोजक अभिषेक जैन, निर्देशिका आरजू जैन, ज्योति जैन, मंत्री आशा जैन नावई, प्रचार मंत्री किरण जैन, कोषाध्यक्ष सोनाली जैन व शिक्षक प्रवीण जैन आदि मौजूद रहे।
श्रद्घा के साथ मना शांतिनाथ भगवान का जन्म-तप एवं मोक्ष कल्याणक
ललितपुर। तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान का जन्म-तप एवं मोक्षकल्याणक बुधवार को कोविड19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रद्धा पूर्वक श्रद्धालुओं ने मनाया। कोविड 19 के मद्देनजर ऑनलाइन जुड़कर श्रद्धालुओं ने पुण्यार्जन किया। इस अवसर पर निर्वाण लाडू समर्पित किए गए, साथ ही पालना झुलाया गया। शांतिनाथ विधान किया गया। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ एवं अतिशय क्षेत्र कारीटोरन के प्रचार मंत्री डॉ. सुनील संचय ललितपुर ने बताया कि जय निशांत भैया जी के निर्देशन में मंगलाष्टक, भगवान शांतिनाथ का अभिषेक और शांतिधारा तथा पूजन की गई। इसमें ऑनलाइन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर पुण्यार्जन किया। भगवान को श्रद्धा पूर्वक निर्वाण लाड़ू समर्पित किया गया। विधान का सौभाग्य पंकज कैलाश चंद टीकमगढ़, नरेन्द्र कुमार सपरिवार,प्रियंग सुंदरी सपरिवार करनाल, महेश जैन सपरिवार रजस्थली डॉ उत्तमचंद जैन छिंदवाड़ा ,डॉ अंशुल नागपुर ,समता राजकुमार जैन इंदौर, अभिषेक एकता जैन सपरिवार इंदौर, पंकज जैन टीकमगढ़ ने ऑनलाइन के माध्यम से प्राप्त किया। इस अवसर पर भगवान की शांतिधारा का सौभाग्य सुरेश चंद्र जौहरी परिवार, दया चंद्र बाजा परिवार कुम्हेड़ी वाले ललितपुर, कैलाश चंद्र टीकमगढ़, शैली विदिशा, राजकुमार बंट वाले ललितपुर , सोमचंद्र आदि मौजूद रहे।