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बीमा क्लेम की आस में बैंकों के कर्जदार हो गए किसान

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ललितपुर। वर्ष 2019 में नष्ट हुई खरीफ की फसल के बीमा क्लेम की आस में किसान बैंकों के कर्जदार हो गए। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई और फसल नष्ट होने पर क्लेम मिलने पर उन्हें कर्ज चुकाना था, लेकिन दो वर्ष से क्लेम न मिलने पर बैंकों का कर्ज और बढ़ गया है। अब उन्हें पैसा चुकाने की चिंता सता रही है। ग्राम कारीटोरन के किसान इस समस्या को लेकर परेशान हैं।
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शासन द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत व विकास के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, अनुदान पर कृषि यंत्र वितरित किए जाते हैं। पीएम मानधन योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि योजनाएं संचालित की जा रही हैं,
लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसी ही स्थिति ब्लाक जखौरा के अंतर्गत ग्राम कारीटोरन की बनी हुई है। यहां पर वर्ष 2019 में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसल का बीमा क्लेम अब तक नहीं मिला है। बीमा के लिए किसान लगातार कृषि विभाग, बैंक व बीमा कंपनी के दफ्तरों में चक्कर काट रहे हैं, जहां पर आश्वासन देकर उन्हें लगातार टरकाया जा रहा है। इससे कई किसान कर्ज के दलदल में डूबते जा रहे हैं।
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किसानों ने बताया कि वर्ष 2019 में खरीफ की फसल बैंकों से कर्ज लेकर बोई थी, जो कटाई के दस दिन पहले ही लगातार बारिश होने से नष्ट हो गई थी। जिसका फसल बीमा कराया था, फसल नष्ट होने के बाद बीमा क्लेम मिलने पर कर्ज चुकाने की आस लगी थी, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी बीमा क्लेम का भुगतान नहीं हो सका है। इससे बैंकों का समय पर कर्ज न चुकाने से ब्याज बढ़ गया है। इससे कर्ज और भी अधिक हो गया है। इसको चुकाने की चिंता सता रही है। परिवार का पालन पोषण करना तो मुश्किल हो रहा है, तो कर्ज कैसे चुकाएंगे। बैंकों की गलती से उन्हें क्लेम नहीं मिल पाया है। बैंक ने खाते से फसल बीमा के लिए प्रीमियम राशि काट ली, लेकिन डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है।
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बैंक ने खाते से फसल बीमा के लिए प्रीमियम राशि काट ली, लेकिन डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। इससे बीमा क्लेम नहीं मिल पा रहा है।
भरतलाल पाठक
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वर्ष 2019 में खरीफ की फसल नष्ट हो गई थी, जिसकी बुवाई बैंकों से कर्ज लेकर की थी। अब तक कर्ज नहीं दे पाए हैं। बड़ी समस्या हो रही है।
कैलाश रजक
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फसल की बुवाई किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेकर की थी, फसल नष्ट हुई तो बीमा क्लेम से चुकाने की आस लगाई, लेकिन क्लेम नहीं मिला।
प्रकाश विश्वकर्मा
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फसल का बीमा क्लेम दो वर्ष बाद भी नहीं मिल सका है। इससे कर्ज बढ़ गया है। इससे चुकाना मुश्किल हो रहा है। किसान परेशान हो रहे हैं।
रामकिशोर विश्वकर्मा
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वर्ष 2019 में अतिवृष्टि से नष्ट फसल का बीमा क्लेम दिलाने की तैयारी की जा रही है। बैंकों से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
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