ललितपुर। कस्बा बांसी में पेयजल संकट गहरा गया है। लोग पानी को तरस रहे हैं। मंगलवार को जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने पेयजल को लेकर जलसंस्थान के अफसरों का घेराव किया। अफसरों द्वारा गोविंद सागर बांध से पानी पहुंचाने व टैंकरों के माध्यम से समस्या सुधारने का आश्वासन दिए जाने पर ग्रामीण मान गए।
दस हजार से अधिक आबादी वाले कस्बा बांसी में पानी की समस्या लंबे समय से चल रही है। पहले गोविंद सागर बांध से आने वाले कच्चे पानी को शोधिक करने के बाद बांसी को पाइप लाइनों से पानी पहुंचाने का काम किया जाता था। लेकिन, लंबी दूरी होने के कारण बाद में शहजाद नदी से पानी पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया। जल निगम की यह योजना भी नदी में पानी खत्म होने से लोगों तक पानी पहुंचाने में नाकाम हो गई। जल निगम यांत्रिकी शाखा के लगे सौ हैंडपंपों में से अधिकांश खराब हैं, जिससे समस्या और गहरा गई।
वहीं, जल संस्थान की पुरानी पाइप लाइन बंद पड़ी हुई है। कारण, गोविंद सागर बांध में भी पानी की कमी है। ऐसी स्थिति में कस्बा बांसी के लोग परेशान हैं। मंगलवार को बांसी में पेयजल समस्या को लेकर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि लीलाधर दुबे ने ग्रामीणों के साथ जलसंस्थान पहुंचकर अधिशासी अभियंता आर एस चौधरी का घेराव किया। उन्होंने किसी भी स्थिति में बांसी में पानी पहुंचाने की मांग की।
इस पर अफसरों ने आश्वासन दिया कि गोविंद सागर बांध से बांसी को पानी दिया जाएगा। जब तक बांध से पानी नहीं पहुंचता है, तब तक कस्बा बांसी में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इस पर ग्रामीण मान गए।
इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश खटीक, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रमेश गुप्ता, समाज सेवी रमेश सोनी, कुलदीप गुप्ता, नीरज सरावगी, मोंटी गुप्ता, डिंपल राजा, अनिल पस्तोर, विमलेंद्र नामदेव, शैलेंद्र पुरोहित, अजय गोस्वामी, वीरेंद्र कुशवाहा, पंकज गुप्ता, श्रवण सोनी, दीपक सेठ, अनंतराम गौड़, अभिषेक चौबे, नीरज शर्मा, रामकिशोर साहू, बृजेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य मोनू रावत, केपी यादव, अन्नू गोस्वामी, अंतू गुप्ता, भूपत अहिरवार, नीलू अहिरवार, बालू अहिरवार आदि के उपस्थित रहे।
करोड़ों से बन रही है पेयजल योजना
दस हजार से अधिक आबादी वाले बांसी कस्बा में पेयजल पहुुंचाने के लिए कई बार योजनाएं बनाई गईं, लेकिन योजनाएं सफल नहीं हो सकीं। ऐसे में यहां के लोगों का पेयजल संकट हमेशा से बरकरार है। जल निगम की सिविल शाखा के अधिशासी अभियंता लालजीत की मानें तो एक दर्जन से अधिक गांवों को पानी पहुंचाने के लिए करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से बांसी-हर्षपुर के नाम पर ग्राम समूह पेयजल योजना तैयार की गई है। इसके तैयार होने से पेयजल के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। लेकिन, अभी इसको पूर्ण होने में काफी समय लगेगा।
इनका कहना है-
बांसी में पहले पानी डौंड़ाघाट शोधित प्लांट से भेजा जाता था, लेकिन शहजाद नदी से जल निगम की पेयजल योजना तैयार होने के बाद उससे पेयजल भेजने काम किया जाने लगा है। कम बारिश होने ने शहजाद नदी में पहले से ही पानी कम था, साथ ही किसानों ने सिंचाई के लिए पानी का उपयोग कर लिया। इससे नदी सूख गई है। अब उच्चाधिकारियों से वार्ता करके जाखलौन पंप कैनाल (जेपीसी) से गोविंद सागर बांध को भरने के बाद पुरानी पाइप लाइन से पानी पहुंचाने का काम किया जाएगा।
- इंजी. आरएस चौधरी
अधिशासी अभियंता जल संस्थान
इनका कहना है-
बांसी में करीब एक सैकड़ा से अधिक हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें एक दर्जन के आसपास खराब पड़े हैं। इन हैंडपंपों को सुधारने के लिए अवर अभियंता को निर्देशित किया गया है। इसकी सूची बनाकर जल्द ही हैंडपंपों को सुधारने का काम किया जाएगा, जिससे लोगों को पेयजल मिल सके।
- इं. यशवीर सिंह
अधिशासी अभियंता जल निगम यांत्रिक