ललितपुर। चंद्रशेखर आजाद पार्क में खरीफ कृषि उत्पादकता गोष्ठी में कृषकों को उनकी समस्याएं शासन स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिया गया। इस दौरान डीएम ने बैंकों में दलालों की सक्रियता पर अंकुश लगाने के लिए छापामार कार्रवाई के निर्देश एसडीएम को दिए। हालांकि, किसान गोष्ठी में ज्यादा किसानों की उपस्थिति नहीं रही।
डीएम डा. रूपेश कुमार ने फीता काटकर और दीप जलाकर कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि किसान को योजना में शामिल होने के लिए किसी को पैसा नहीं दें। आनलाइन पंजीयन में पैसा लेने की शिकायत सामने आ रही है, जो गंभीर बात है। उप कृषि निदेशक कार्यालय में पंजीयन नि:शुल्क होता है। बीज की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
किसानों ने गत वर्ष खराब गुणवत्ता के बीज दिए जाने की शिकायत की है। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। बीज वितरण में किसी प्रकार का घालमेल नहीं चलेगा। जहां तक बैंकों में दलालों के सक्रिय होने की बात है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में एसडीएम को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पशुओं का टीकाकरण समय से कराने, राजकीय नलकूपों की संख्या बढ़ाने, आनलाइन पंजीयन व्यवस्था दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए। सीडीओ प्रवीण कुमार लक्ष्कार ने खेत तालाब योजना पर बल देते हुए कहा कि किसान खेत तालाब अवश्य बनवाए।
सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने कहा कि कृषकों की समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर भाकियू के नगराध्यक्ष राजपाल यादव, भाकियू (भानु) गुट के भूपेंद्र सिंह, भारतीय किसान संघ के केहर सिंह बुंदेला, नवनीत शर्मा, मधुसुदन त्रिपाठी, सुम्मेर सिंह, जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी रवि प्रकाश, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के एके चौहान, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड बीबी सिंह, डीएफओ वीके जैन आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनलाल त्रिपाठी ने की। आभार उप कृषि निदेशक हंसराज ने व्यक्त किया।
गोष्ठी में नहीं जुटे किसान
गोष्ठी में किसानों की संख्या काफी कम और संगठनों के नेताओं की धमक ज्यादा दिखी। यही वजह रही कि पार्क में लगाए गए स्टालों पर भी किसान न के बराबर पहुंचे।
अफसरों के इर्द-गिर्द रहा कार्यक्रम
दोपहर दो बजे तक गोष्ठी में उप कृषि निदेशक हंसराज व जिला कृषि अधिकारी ब्रजेश कुमार ही नजर आ रहे थे। जैसे ही मुख्य अतिथि डीएम पहुंचे तो गोष्ठी में रौनक लौट आई। उनके जाते ही गोष्ठी का समापन हो गया। इस तरह लगभग एक घंटे ही गोष्ठी चली।
वन विभाग के स्टाल पर नहीं दिखे पोस्टर
विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए गए थे। इनमें वन विभाग का स्टाल भी शामिल था। इस स्टाल पर विभिन्न प्रजातियों की जड़ी बूटी रखी गई थी, जो विभाग से संबंधित प्रचार सामग्री किसानों को उपलब्ध कराई जानी थी, उसे टेबिल के नीचे रखा गया था। जिस कारण किसान वन विभाग की योजना एवं नियमों से परिचित नहीं हो सके।
कृषि विभाग से जुड़ नहीं पा रहे किसान
कृषि विभाग कई हितकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। लेकिन, विभागीय अफसरों की मनमानी से कई पात्र किसान लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। गोष्ठी में इसका जिक्र खुद डीएम ने अपने संबोधन किया। उन्होंने आनलाइन पंजीयन, बीज की खराब गुणवत्ता पर अपनी नाराजी जाहिर की है, इससे स्पष्ट है कि कृषि योजनाओं में पारदर्शिता की कमी है।