- करीब 50 करोड़ से अधिक का कारोबार रहा प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विभिन्न कर्मचारी और किसान संगठनों के साथ बैंक कर्मी भी बृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल रहे। जिले में पीएनबी की सभी शाखाएं बंद रहीं, जिससे करीब 50 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। इस हड़ताल के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने और युवाओं को स्थायी रोजगार देने जैसी मांगें प्रमुखता से उठाई गई हैं।
हड़ताल के दौरान बैंकों, एलआईसी और जीआईसी में निजीकरण एवं विनिवेश की प्रक्रिया रोकने, आईडीबीआई बैंक को बेचने के निर्णय को वापस लेने, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई वृद्धि वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के विलय का विरोध शामिल है। साथ ही पर्याप्त भर्तियां सुनिश्चित करने, युवाओं को स्थायी रोजगार देने, आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा समाप्त करने, नई पेंशन योजना (एनपीएस) खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने, फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट योजना वापस लेने तथा कॉरपोरेट्स से बकाया कर्ज की वसूली के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई है। आम ग्राहकों के लिए बैंकों में सेवा शुल्क कम करने की भी बात कही गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि नई नीतियों से श्रमिकों और युवाओं के हित प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर कर निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर सरकार की ओर से पूर्व में कहा जाता रहा है कि श्रम सुधार और विनिवेश की नीतियां आर्थिक मजबूती और निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर श्रमिक संगठनों और सरकार के बीच मतभेद लगातार बने हुए हैं। हड़ताल के दौरान पीएनबी कर्मचारियों में हीरालाल रैकवार, मनोहर सिंह, भगवानदास, राहुल पंथ, आशीष तिवारी, देवेेंद्र कुमार,आकाश आदि शामिल रहे।