शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिना प्रशासनिक अनुमति व कोई नक्शा पास कराए ही विवाह घरों व मैरिज गार्डनों का संचालन किया जा रहा है। पार्किंग के अभाव में मेहमानों को सड़क किनारे ही वाहन पार्क करने पड़ते हैं, इसके कारण लगने वाले जाम से यातायात बाधित हो रहा है। इससे राहगीरों का भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
शहर में 37 विवाह घरों व लॉज का संचालन हो रहा है। हैरानी की बात है कि इनमें से अधिकांश का विनियमित विभाग से नक्शा पास नहीं है। शहर के रेलवे स्टेशन मार्ग पर, इलाइट चौराहा, राजघाट रोड, सागर शाही रोड, तालाबपुरा, आजादपुरा, नेहरु नगर, सिद्घनपुरा मार्ग आदि स्थलों पर मुख्य मार्ग के किनारे दर्जनों विवाह घर बने हुए हैं। यहां पर पार्किंग स्थल चिह्नित नहीं होने के कारण जो सड़कों पर वाहन पार्क कर दिए जाते हैं। इससे लगने वाले जाम के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब इन विवाह घरों में कोई शादी या फिर अन्य समारोह आयोजित होता है, तो इन मार्गों पर आधा से डेढ़ घंटे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। इन विवाह घर जनता को परेशानी खड़ी करने के साथ विभाग केे भी राजस्व की हानि पहुंचा रहे हैं।
केवल तीन-चार पर ही कार्रवाई
शहर में अवैध तरीके से निर्मित व संचालित हो रहे दर्जनों विवाह घरों में से विनियमित विभाग केवल तीन-चार के खिलाफ ही अब तक कार्रवाई कर पाया है। कार्रवाई भी केवल नोटिसों व तारीख तक ही सीमित है। स्थानीय जेल चौराहे के पास ब्याने नाले के पास बना मैरिज गार्डन बिना मानचित्र व बिना प्रशासन की अनुमति के बना हुआ है। इसके अलावा संचालक द्वारा सरकारी नाले पर ही अतिक्रमण करके अवैध निर्माण कर लिया गया है। अब तक न तो इस अवैध विवाह घर को हटाया गया है और न हीं अतिक्रमण को हटाया गया है। इस मैरिज गार्डन के संचालक ने पास में ही बने नगर पालिका के सार्वजनिक सामुदायिक शौचालय पर भी अपना व्यक्तिगत कब्जा कर लिया है। इस तरह अब तक प्रशासन द्वारा किसी भी विवाह घर के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों व राहगीरों को लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह तालाबपुरा मार्ग पर भी अवैधानिक तरीके से एक विवाह घर संचालित हो रहा है, जिस कारण शहर के इस वन-वे मार्ग पर घंटों जाम लगा रहता है।
अग्निशमन विभाग से नहीं ली एनओसी
विवाह घरों के आसपास घनी आबादी न हो और विवाह घर तक पहुंचे वाले मार्ग पर अग्निशमन विभाग की गाड़ी आसानी से पहुंच जाए, इसके लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। इसी एनओसी के बाद ही नक्शा पास किया जाता है। विवाह घरों में खाना बनाते समय काफी मात्रा में गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जाता है, इस दौरान कोई अप्रिय घटना घटित न हो इसके लिए अग्निशमन यंत्र भी उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन अधिकांश जगह पर इन नियमों का पालन किया गया है। अब तक शहर में केवल तीन ही विवाह घरों की एनओसी जारी की गई है।
सीसीटीवी कैमरे तक नहीं
विवाह घरों में आमतौर पर आपराधिक घटनाएं घटित होती है। कभी महिलाओं के साथ छेड़खानी व छीना झपटी और वाहन चोरी की घटनाएं आम हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा हमेशा ही प्रयास किए गए हैं कि विवाह घरों व मैरिज गार्डन व रेस्टोरेंट के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, लेकिन पुलिस के निर्देशन का कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी उक्त स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए हैं, इसके बावजूद अनेकों स्थानीय विवाह घर ऐसे हैं, जिनके संचालकों द्वारा सीसीटीवी कैमरे नहीं लगवाए गए हैं।