फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फटे जूते-मोजे व बैग लेकर स्कूल नहीं जाएंगे बच्चे

Sat, 31 Mar 2018 01:22 AM IST
amarujala
विज्ञापन
school, lalitpur news - फोटो : demo
विज्ञापन
गत वर्ष 2017-18 में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बांटे गए स्कूल बैग और जूते-मोजे दो माह से ही फटने शुरू हो गए। इस पर सख्त रुक अपनाते हुए योगी सरकार ने फटे हुए स्कूल बैग और जूते-मोजे को बदले जाने के निर्देश दिए हैं। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों से संबंधित सूचना एकत्रित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन


गत शैक्षिक सत्र में शासन द्वारा परिषदीय विद्यालयों में नि:शुल्क यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तक के साथ योगी सरकार ने बच्चों को नि:शुल्क बैग व जूते-मोजे भी वितरित कराए थे। प्रदेश में स्कूल बैग का वितरण अक्टूबर माह में और जूते-मोजे का वितरण दिसंबर तक हुआ है। वितरण के लिए प्रदेश स्तर से ही टेंडर किए गए थे और शासन की शर्त भी स्कूल बैग व जूते-मोजे एक साल चलना चाहिए, लेकिन बच्चों को बांटे गए बैग व जूते-मोजे चंद महीने भी नहीं टिक सकें। जनपद के विद्यालयों में भी स्कूल बैग व जूते-मोजे का यही हाल है। जूते तो काफी हद तक ठीक हैं, लेकिन स्कूल बैगों की स्थिति काफी खराब है।

सरकार ने इस पर सख्त रुक अपनाते हुए उन्हें बदलने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह द्वारा जारी किए गए निर्देशों के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों में बच्चों के जूते-मोजे और स्कूली बैगों के फटने का आंकड़ा एकत्र करने के निर्देश दे दिए हैं।
विज्ञापन


बच्चों को मिलेगी राहत
फटे हुए स्कूल बैग वापस होने से बच्चों को काफी राहत मिलेगी। क्योंकि योगी सरकार पूर्व में ही घोषणा कर चुकी है कि इस नवीन सत्र से केवल कक्षा एक और कक्षा छह के बच्चों को ही नवीन स्कूल बैग वितरित किए जाएगीं। बकाया कक्षाओं में हर दो वर्ष में नवीन स्कूल बैग वितरित किए जाएंगे। इस घोषणा के बाद उन बच्चों को चिंता सताने लगी थी, जिन बच्चों के स्कूल बैग अभी से ही फट चुके हैं। अब जब सरकार ने फटे हुए स्कूल बैगों व जूते-मोजे के बदले जाने की बात कही है तो बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।

जुटाए जा रहे हैं आंकड़े
बेसिक शिक्षा निदेशक के आदेशों के क्रम में समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों में बच्चों के जूते-मोजे और स्कूली बैगों के फटने का आंकड़ा एकत्र करने के निर्देशित कर दिया गया है।
विज्ञापन

- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें