ललितपुर। उदयपुरा रेलवे स्टेशन से चिगलौआ स्थित बजाज पावर प्लांट तक कोयला पहुंचाने के लिए बनाए जा रहे रेल ट्रैक का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
सिंगल रेल लाइन से कोयला से लदी मालगाड़ी प्लांट परिसर तक ले जाने की तैयारी है। रेलवे के अधिकारियों की हरी झंडी मिलने पर प्लांट तक सिंगल रेलवे ट्रैक मार्च के अंत तक शुरू हो जाएगा, जबकि दूसरा रेल ट्रैक अप्रैल में शुरू होगा।
ग्राम चिगलौआ स्थित बजाज पावर प्लांट में 660 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयां स्थापित हैं। वर्तमान में 660 मेगावाट की दो इकाइयों से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। शीघ्र ही प्लांट की तीसरी इकाई से भी बिजली उत्पादन की तैयारी है, जिससे प्लांट से 1980 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा।
इसके लिए प्लांट में मंगाए जा रहे कोयला को अभी तक उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर उतारा जाता है और यहां से कोयला पावर प्लांट तक डंपर, ट्रकों आदि से पहुंचाया जाता है, जिसमें समय की बर्बादी के साथ-साथ अधिक खर्च भी झेलना पड़ता है। साथ ही उदयपुरा रेलवे स्टेशन के आसपास कोयला की डस्ट से काला-काला नजर आता है।
रेलवे ने उदयपुरा रेलवे स्टेशन से बजाज पावर प्लांट तक साढ़े आठ किलोमीटर लंबा डबल रेल ट्रैक बिछाया है। रेल ट्रैक समेत पटरियों की कुल लंबाई 39.90 किलोमीटर है। पूरा रेलवे ट्रैक इंटरलॉकिंग, इलेक्ट्रीफाइड व अन्य आधुनिक सुविधायुक्त तैयार किया गया है।
जानकारों के अनुसार सिंगल रेलवे ट्रैक रेलवे द्वारा मार्च के अंत शुरू कर दिया जाएगा, जबकि दूसरी रेल लाइन को तकनीकि कारणों से अप्रैल माह में शुरू किया जाएगा। इसके लिए रेलवे द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। रेलवे के अधिकारियों की स्वीकृति मिलते ही ट्रैक शुरू हो जाएगा।
रेलवे वर्तमान में बजाज प्लांट के लिए एक रेक कोयला रोज मंगा रहा है, जबकि उक्त रेलवे ट्रैक का संचालन शुरु होने पर सात रेक कोयला प्रतिदिन मंगाया जा सकेगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार उक्त तैयार रेल ट्रैक पर कोयले से लदी मालगाड़ी की रफ्तार लगभग पचास किमी प्रतिघंटा की तय की गई है। इस रेल लाइन पर बजाज प्लांट तक दो माइनर ब्रिज, दो मेजर ब्रिज व दो आरसीसी ब्रिज तैयार किए गए हैं।