फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: पाली थाने में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर की जमानत सुप्रीम कोर्ट से खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट से जमानत के बाद जेल से बाहर था इंस्पेक्टर
विज्ञापन

ललितपुर। पाली थाने में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। वर्तमान में वह हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहा था। इसके खिलाफ नाबालिग को न्याय दिलाने के लिए बचपन बचाओ स्वयंसेवी संस्था ने प्रयास किया। पीड़िता की मां की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कराई गई थी।
पाली थाना क्षेत्र में 22 अप्रैल 2022 को हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जहां जनपद की छवि के साथ-साथ खाकी पर भी गहरा दाग लगा था। आज फिर यह मामला सुर्खियों में हैं। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ने विगत तीन मई को दरोगा तिलकधारी सरोज की हाईकोर्ट प्रयागराज से मिली जमानत को खारिज करते हुए झारखंड राज्य बनाम संदीप कुमार के मामले का वर्णन करते हुए कहा कि मौजूदा मामले में तो स्थिति काफी बदतर है। तत्कालीन थाना पाली के प्रभारी निरीक्षक तिलकधारी सरोज इसलिए अधिक जिम्मेदार हैं, क्योंकि पीड़ित लड़की सुरक्षा एवं न्याय के लिए आई थी लेकिन उसके साथ दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध स्वयं प्रभारी निरीक्षक ने किया। हमें जमानत देने को उचित ठहराने लायक कोई भी कारण जमानत आदेश में नहीं मिला। इस स्तर पर प्रमुख आरोपी तिलकधारी सरोज के जमानत आदेश को रद्द करते हुए अपील स्वीकार की जाती है। दो मार्च 2023 को हाईकोर्ट इलाहाबाद के जमानत आदेश को रद्द कर दिया। इसके साथ ही तिलकधारी सरोज को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। ऐसा न करने पर राज्य पुलिस को उन्हें पकड़कर न्यायिक हिरासत भेजने का आदेश दिया।
विज्ञापन


क्या था मामला
जनपद ललितपुर के थाना पाली क्षेत्र की 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चाैरसिया अपने साथ फुसला कर 22 अप्रैल 2022 को भोपाल ले गए थे। वहां उसके साथ तीन दिन लगातार रेलवे स्टेशन के पास गलियों में छिपकर रहे और बलात्कार करते रहे। 26 अप्रैल 2022 को यह चारों अपराधी उस लड़की को थाने में पुलिस के पास छोड़कर भाग गए। इंस्पेक्टर ने लड़की को उसकी महिला रिश्तेदार को सौंप दिया। मौसी ने लड़की को आरोपी चंदन की बहन के पास ककड़ाइ में दो दिन के लिए भेज दिया। 27 अप्रैल की सुबह थाने में लड़की को फिर से बुलाया गया। थाने में लड़की का बयान लिया गया। शाम हुई तो थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज ने लड़की के साथ कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। उसके बाद लड़की को उसकी मौसी को वापस सौंप दिया। इसकी सूचना लड़की के माता-पिता को नहीं मिली। 30 अप्रैल को लड़की वापस थाने आई, जहां पर उसे चाइल्ड लाइन में सुपुर्द कर दिया गया। जब लड़की चाइल्ड लाइन में गई, तो उसने सारी घटना बताई। तब नाबालिग लड़की की मां की तहरीर पर थाना पाली में चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया, तिलकधारी सरोज, गुलाब बाई अहिरवार पर पाक्सो अधिनियम में मामला दर्ज किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन


पूरे थाने के खिलाफ हुई थी कार्रवाई
इस प्रकरण में थानाध्यक्ष को सस्पेंड करते हुए छह एसआई, छह हेड कांस्टेबल, दस आरक्षी, पांच महिला आरक्षी, एक ड्राइवर और एक फालोवर समेत 29 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए गए थे।

प्रकरण के एक आरोपी ने जेल में लगाया था फंदा
इस मामले के एक आरोपी राजभान ने छह जनवरी 2023 को जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें