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डाक्टर की लापरवाही, शिशु ने जान गंवाई

Fri, 06 May 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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doctor, lalitpur news - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। मुहल्ला छत्रसालपुरा निवासी ममता जैन ने डीएम को बताया कि उनकी बहू रुचि जैन पत्नी अमित जैन बच्चे का प्रसव कराने के लिए बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक नहीं थीं, उन्हें कई बार फोन कर जानकारी दी गई। लेकिन, वह ड्यूटी पर नहीं पहुंची। समय पर इलाज न मिलने पर नवजात शिशु की गर्भ में मौत हो गई। इसके उपरांत प्रसूता का पूरा इलाज परिजनों ने निजी नर्सिंग होम में कराया।
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जिला अस्पताल इन दिनों गड़बड़ियों का अड्डा बना हुआ है। मरीजों के साथ इलाज के नाम पर मजाक किया जा रहा है। शराबियों के द्वारा ब्लड बैंक में खून दिया जा रहा है। इमरजेंसी में डाक्टर आराम फरमाते रहते हैं, और सफाई कर्मी मरीजों का इलाज करते हैं। बृहस्पतिवार को इसी लापरवाही की नजीर भी देखने को मिली जब ड्यटी पर तैनात महिला चिकित्सक के नहीं मिलने पर प्रसव के दौरान शिशु की गर्भ में मौत हो गई। परिजनों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर महिला चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सफाई कर्मी करते हैं इलाज
इमरजेंसी में इलाज के लिए आए मरीजों को जानकारी ही नहीं है कि जिनके हाथ से उनका इलाज हो रहा है उनकी जिम्मेदारी अस्पताल की सफाई करना है। इमरजेंसी में एक चिकित्सक व फार्मासिस्ट की ड्यूटी रहती है। लेकिन, चिकित्सक केवल अपनी कुर्सी पर बैठकर इलाज के लिए निर्देश देते नजर आते हैं, तो फार्मासिस्ट केवल कागजी खानापूर्ति में ही मशगूल रहते हैं।
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गंभीर हालत में घायल मरीजों को टांके लगाने व इंजेक्शन देने का काम भी सफाई कर्मियों से कराया जा रहा है। हैरानी की बात है कि इमरजेंसी में सीसीटीवी कैमरा होने के बाद भी अस्पताल के मुखिया इस बात को नजरअंदाज किए हुए हैं। सबसे गंभीर बात तो यह है, कि एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल होकर आने पर भी चिकित्सक सफाई कर्मियों से ही इलाज कराते हैं। सफाई कर्मियों का इलाज कई मरीजों के जीवन पर भी भारी पड़ जाता है।

शराबी बेच रहे खून
ब्लड बैंक की सुविधाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लंबे समय से यह खेल जारी है। दलालों के हाथ से मरीजों के तीमारदार खून खरीदने को मजबूर है। ब्लड बैंक में सारे नियम कानूनों को ताक पर रखकर खून लिया जा रहा है। बृहस्पतिवार की दोपहर बारह बजे ब्लड बैंक में तीन नशेड़ी खून बेचने पहुंचे। मीडिया कर्मियों को इस मामले की जानकारी होने पर ब्लड बैंक में जमावड़ा लग गया।

मीडिया कर्मियों को देखकर दो नशेड़ी तो भाग गए, लेकिन तीसरा व्यक्ति जो कि ब्लड बैंक कर्मियों को खून बेच रहा था पकड़ा गया। चंदू नाम के इस युवक ने बताया कि उसे खून देने के बदले चार सौ रुपये मिलते हैं। वह इससे पहले भी कई बार खून दे चुका है। ब्लड बैंक के दस्तावेजों में चंदू का नाम सुरेश नाम से दर्ज था।
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जिला अस्पताल में बने ब्लड बैंक की शिकायतें मिली हैं। बहुत गंभीर मामला है। दोषियों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
 - डॉ. रूपेश कुमार
जिलाधिकारी ललितपुर
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