संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर के आयुष भवन में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में ढाई वर्ष से दवाइयां नहीं आई हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को परामर्श मात्र ही मिल रहा है। वह बाहर से दवाइयां खरीद रहे हैं, जबकि कई निर्धन मरीज पैसों के अभाव में इलाज नहीं करा पा रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आयुर्वेदिक दवाइयाें की कमी होने से वह एलोपैथिक दवाइयां लिख रहे हैं।
शासन ने मेडिकल कॉलेज परिसर में एक ही छत के नीचे होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी विधा से उपचार की सुविधा के लिए आयुष भवन का निर्माण कराया है। लेकिन, वर्तमान में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार की सुविधा दम तोड़ती नजर आ रही है। यहां ढाई वर्ष से दवाइयों की कमी बनी हुई है। मरीजों को महज परामर्श ही मिल रहा है। दवाइयां न मिलने से मरीज परेशान हैं। कुछ मरीज तो बाजार से दवाइयां खरीद लेते हैं, लेकिन निर्धन तबके के मरीज बिना इलाज कराए ही वापस हो रहे हैं। हद तो तब हो गई, जब ढाई वर्ष से दवाइयां न मिलने के बाद भी जिम्मेदार मौन बने हैं।
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पहले मिलती थीं दवाइयां
त्रिफला चूर्ण, अर्जुन चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण, अविपातिकर चूर्ण, आगतुंदीवटी, चंद्रप्रभा वटी, पूर्नवामंदुर, सुदर्शन चूर्ण, कुटकाघन वटी, गोदंती भस्म, शंख भस्म, अर्जुनारिष्ट, धरती लोह, चंद्रप्रभा वटी, अशोकारिष्ट, कुर्मायाशव, दष्मूलारिष्ट, आनंद भैरवा रस, त्रिफला, योगराज गुगूल, गिलोय घनवटी, आयरन टैबलेट, कैल्शियम समेत कई प्रकार की दवाइयां पहले मरीजों को मिलती थीं।
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आयुष भवन के आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाइयों के लिए बजट प्राप्त हो गया है। जल्द ही दवाइयां क्रय कर अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी