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अवार्ड वापसी देश के साथ खिलाफत

Thu, 19 Nov 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। फिल्म अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता राजा बुंदेला मध्य प्रदेश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं। ललितपुर दौरे पर आए राजा बुंदेला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि साहित्यकारों द्वारा अवार्ड वापसी एक तरह से देश की खिलाफत है। इसको तमाशा बनाना ठीक नहीं है।
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बुधवार को सिविल लाइन स्थित आवास पर उन्होंने कहा कि जिन अशोक बाजपेयी ने साहित्य का अवार्ड वापस लौटाया है, वह भोपाल गैस कांड के समय गैस कंपनी के मालिक एंडरसन को अपनी एंबेसडर कार में बैठाकर उसे भोपाल से बाहर भेजने के लिए छोड़ने गए थे।

ऐसे में माना जा सकता है कि उनका निर्णय कांग्रेस के समर्थन में था। साहित्यकारों को पुरस्कार किसी सरकार ने नहीं दिया है। उसे लौटाना एक तरह से उसका अपमान करना है।
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उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अभियान को तेजी से चलाना है। इसके लिए मप्र के सागर संभाग में जिला स्तर पर पैदा हुई लड़कियों की पढ़ाई- लिखाई से लेकर शादी तक का खर्च किया जाएगा, जिससे माता- पिता को बेटी बोझ न लगे। इसके लिए फिल्मी एक्ट्रेस और क्षेत्र की किसी मेधावी बच्ची को एक मंच पर लाकर बच्ची का प्रदर्शन कराया जाएगा, ताकि बच्ची को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। मप्र की सरकार बेटियों के लिए काफी काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मप्र के बुंदेलखंड क्षेत्र के पन्ना व छतरपुर जिले में लड़का और लड़कियों का अनुपात कम है, जिसे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में ज्यादातर लोग गरीबी के कारण रोजगार की तलाश में पलायन कर जाते हैं व लड़कियों को अपने बुजुर्ग माता- पिता की देखरेख के लिए छोड़ जाते हैं। इस कारण यहां पर लड़कियों की परवरिश ठीक तरह से नहीं हो पाती है।
लेकिन, वह जल्द ही ऐसी लड़कियों की पढ़ाई- लिखाई पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि ललितपुर जिले में भी ऐसी लड़कियां होंगी। इसका सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद इन लड़कियों को विद्यालय भिजवाया जाएगा, ताकि लड़कियां पढ़- लिखकर अपना जीवन संवार सकें।

अलग बुंदेलखंड जरूर बनेगा
अलग बुंदेलखंड राज्य के लिए संघर्ष कर रहे राजा बुंदेला ने कहा कि हाल ही में नई दिल्ली में नेशनल फेडरेशन फॉर न्यू स्टेट्स का आफिस खोला गया है। इस कार्यालय के माध्यम से अलग राज्यों की लड़ाई लड़ रहे लोगों को दिल्ली में धरना- प्रदशर्न करने के लिए सहयोग दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अलग बुंदेलखंड, विदर्भ और दिल्ली की लड़ाई आने वाले समय में खासकर उप्र विधानसभा चुनाव के समय में तेजी होगी। ऐसे में उम्मीद है कि अलग बुंदेलखंड राज्य जरूर बनेगा। हाल ही में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अलग राज्यों के गठन को लेकर चर्चा हुई थी। इसमें बुंदेलखंड, विदर्भ, पूर्वांचल, गोरखालैंड, बोडोलैंड और हरितप्रदेश राज्यों की बात आई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके सकारात्मक परिणाम जल्द आएंगे।
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