ललितपुर। झांसी-सागर हाईवे पर गांव चीरा से लेकर दुर्जनपुरा मोड़ शनिवार रात खून से लाल हो गया। रात 11:30 बजे बाइक से जा रहे तीन दोस्तों को ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे दो दोस्तों की तो मौत हो गई, लेकिन तीसरा युवक अपनी जान बचाने के लिए दो किमी तक चीखता रहा। ट्रक में बाइक समेत फंसे अवधेश की चीखें हाईवे पर गूंजीं तो लोग भी उसको बचाने के लिए दौड़े। लेकिन, उसे जिंदगी की डोर ट्रक चालक के हाथों में थी। उसने न सुनीं, टोल प्लाजा के पहले अपने ट्रक के पहिए भी उसने तब थामे, जब अवधेश की जान जा चुकी थी। ट्रक चालक भी उसके बेजान शरीर को हाईवे पर फेंककर चलता बना। बाद में पुलिस ने घेराबंदी करके ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। थाना बार क्षेत्र के गांव मथुराडांग निवासी अवधेश (22) पुत्र पूरन बरार बैंजो बजाता था। शनिवार देर रात को वह बाइक से गांव लौट रहा था। घर पर उसकी पत्नी और बच्चे इंतजार कर रहे थे। रास्ते में उसे पास के गांव के ही दो युवक और मिल गए। रात होने के चलते उसने दोनों को बाइक पर बिठा लिया। तीनों आपस में बातें करते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान गांव चीरा के पास हाईवे पर एक ट्रक काल बनकर आया और बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर पीछे बैठे दोनों युवक तो वहीं गिर गए। जबकि बाइक का हैंडल ट्रक के पिछले हिस्से में फंस गया। अवधेश के पैर बाइक के आगे लेग गार्ड में फंस गए। अवधेश ने लगे गार्ड से निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन वह निकल नहीं सका। अवधेश घायल भी हो गया था। उसने बार-बार ट्रक को रोकने की आवाज लगाई। मगर ट्रक चालक ने नहीं सुनी। सड़क पर घिसटने से उसका पूरा शरीर छिल गया। सड़क खून से लाल हो गई। मगर अवधेश ने हार नहीं मानी। उसने हाईवे पर मौजूद लोगों और अन्य वाहन चालकों से भी मदद करने और ट्रक को रुकवाने के लिए चीख-पुकार मचाई। लोगों ने जब उसे ट्रक में फंसा देखा तो ट्रक को रुकवाने की कोशिश की, लेकिन ट्रक चालक ने रफ्तार कम नहीं की। करीब दो किमी दूर गांव दुर्जनपुरा मोड़ से पहले से ट्रक चालक ने ट्रक रोककर युवक अवधेश और बाइक को निकाला और भाग गया। तब तक अवधेश ने दम तोड़ दिया था। उसके हाथ-पैर और पूरा शरीर खून से लथपथ था। बाइक के तो परखच्चे भी ही उड़ गए। आसपास पहुंचे लोगों ने युवक को पड़ा देख एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।