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700 उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे एवरेज बिल

Mon, 21 Dec 2015 12:43 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। विद्युत विभाग द्वारा शहर में 700 से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को एवरेज बिल बनाकर थमाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के विद्युत बिल हाई रीडिंग से आ रहे हैं। मजबूरन, उन्हें खपत से अधिक धनराशि के बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है।
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शहर में 24 हजार से अधिक घरेलू और साढ़े तीन हजार से अधिक कॉमर्शियल उपभोक्ताओं द्वारा बिजली का उपभोग किया जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा शहर में बिलिंग कंपनी के माध्यम से 15 मीटर रीडरों की मदद से बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है। मीटर रीडरों द्वारा उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर मीटरों से रीडिंग लेकर बिल बनाने का कार्य किया जाता है,

जबकि खराब मीटर होने की स्थिति में बहुत से उपभोक्ताओं को आईडीएफ के बिल बनाकर दिए जाते हैं।
मीटर रीडरों द्वारा बहुत से उपभोक्ताओं के बिलों में मीटरों की निर्धारित रीडिंग से काफी कम यूनिट का बिल बनाकर दिया जा रहा है। यह क्रम लगातार तीन महीनों तक चलने पर फिक्स यूूनिट का बिल बना दिया जाता है,
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जिससे ऐसे उपभोक्ताओं के बिल आरडीएफ में आने लगते हैं और इसके बाद उपभोक्ता को एवरेज रीडिंग का बिल हर माह थमा दिया जाता है, जो निर्धारित खपत से काफी अधिक होता है। ऐसे में उपभोक्ता को भी फिक्स यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होता है। नगर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है।

विभागीय सूत्रों पर भरोसा करें तो नगर में सात सौ से अधिक उपभोक्ताओं को एवरेज बिल थमाए जा रहे हैं, जो हर रोज बिल ठीक कराने को विभाग के चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन, अधिकांश उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान समय से नहीं होने के कारण उन्हें अनावश्यक विद्युत बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं की समस्याएं सामने आने पर समाधान किए जाने की बात बताई जा रही है।

विद्युत विभाग व उपभोक्ता पर मीटर रीडर भारी
ललितपुर। विद्युत विभाग मीटर रीडरों की मदद से उपभोक्ताओं के मीटरों की बिलिंग कराता है। मीटर रीडरों द्वारा आईडीएफ व आरडीएफ के बिलों में खूब खेल किया जा रहा है। विभाग द्वारा कई हिदायतों के बाद भी बिलिंग की समस्या जस की तस बनी हुई। उपभोक्ता आए दिन समस्याएं बताते हैं, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हो पा रहा है।

ऐसे में यही समझ में आता है कि विद्युत विभाग व उपभोक्ता पर बिलिंग करने वाला मीटर रीडर भारी पड़ रहा है। यदि विभाग मीटर रीडरों पर शिकंजा कसे तो सही बिलिंग के प्रतिशत में सुधार हो सकेगा।
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