संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महामंडलेश्वर चंडी पीठाधीश्वर स्वामी चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि गुरु सेवा से ही भगवत भक्ति प्राप्त होती है। बिना गुरु के अमृत्व की प्राप्ति नहीं हो सकती। वह बृहस्पतिवार को गोविंद नगर स्थित प्रशांति विद्या मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन कर रहे थे।
कथा व्यास ने कहा कि जीवन को भक्ति, सत्य, प्रेम, करुणा, सरलता, उदारता, समर्पण से परिपूर्ण करने के लिए ही वेदव्यास ने श्रीमद्भागवत की रचना की। मानव मात्र जीवन के कल्याण के लिए प्रत्येक मनुष्य को भागवत कथा का श्रवण करते रहना चाहिए। इससे मुक्ति का मार्ग सरल हो जाता है। प्राणी मात्र का कल्याण गुरु के आशीर्वाद व भजन मार्ग से ही संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि भजन करने से अनेक मुश्किलों का समाधान किया जा सकता है।
कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा सभी वेदों का सार है। इसे सुमिरन करने से मनुष्य जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्त हो जाता है। कथा रसपान से परम लक्ष्य की प्राप्ति संभव है। कथा में श्रीसर्वेश्वर धाम के महंत कृष्णागिरि महाराज ने भी अपना आशीर्वाद दिया। मुख्य यजमान संजय श्रीवास्तव, केदार नारायण तिवारी एमएलसी प्रतिनिधि, शकुंतला कुशवाहा, स्वामी अनुराग अमर, डॉ दीपक चौबे, राजेंद्र सिंह यादव, ध्यान सिंह यादव, राम नामदेव, विजय श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, हर्ष श्रीवास्तव, उत्कर्ष श्रीवास्तव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।