शहर में एटीएम में कैश की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। आम दिनों में तो स्थिति सामान्य रहती है, लेकिन कोई त्योहार आते ही एटीएम साथ छोड़ देती हैं। इससे जनता को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं और त्योहार का मजा भी फीका हो जाता है। वर्तमान में दीपावली पर भी लोगों के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है। लोगों का सवाल है कि आखिर एटीएम त्योहारों में खलन डालना कब छोड़ेंगी और जिला प्रशासन व बैंक अधिकारी इस ओर कब गंभीरता दिखाएंगे।
जिला मुख्यालय पर 15 से अधिक बैंक शाखाओं के लगभग दो दर्जन एटीएम हैं। लगभग समस्त एटीएम का संचालन निजी कंपनी के हाथों में है। बैंक अधिकारियों द्वारा इन केंपनियों पर कोई सख्ती नहीं बरती जाती है, इसलिए व्यवस्थाएं भगवान भरोसे हैं। आम दिनों में तो लोग किसी तरह अपना काम चला लेते हैं, लेकिन त्योहारों के दिनों में कैश की समस्या बढ़ जाती है और यह समस्या त्योहार की खुशियों को फीका कर देती है। त्योहारों के दिनों में बैंक भी बंद रहते हैं, इसलिए एटीएम ही एममात्र सहारा रह जाता है, लेकिन वह भी साथ छोड़ देते हैं। बृहस्पतिवार को दीपावली के दिन और उससे एक दिन पहले तक शहर के कई एटीएम बंद व कैशलेस रहे। इससे लोगों को हर त्योहार की भांति दीपावली पर भी परेशान होना पड़ा है। इसके अलावा जो एटीएम चालू हैं, तो उनमें 100 रुपए का नोट नहीं निकल रहा है, केवल दो हजार और 500 रुपए का ही नोट निकल रहा है। इससे खुल्ले के लिए भी लोगों को समस्या हो रही है।
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अधिकारियों को दिखानी होगी गंभीरता
बैंक अधिकारियों व जिला प्रशासन की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह एटीएम संचालित करने वाली निजी कंपनियों पर नकेल कसें, ताकि एटीएम का संचालन सही तरीके से नियमित रूप से हो सके।
शिवम, छात्र।
त्योहारों पर होती है अधिक समस्या
वैसे तो सभी लोग अपना काम चलाते ही रहते हैं, लेकिन पैसों की अधिक जरूरत त्योहारों पर होती है। ऐसे में एटीएम साथ नहीं देेते और बैंक भी बंद होते हें। काफी समस्या होती है। इस ओर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।
अरुण गोस्वामी, शिक्षक।