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आठवीं पास कर बेटियां छोड़ रहीं पढ़ाई

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मनोहर लाल पंथ श्रम सेवा योजन राज्य मंत्री - फोटो : LALITPUR
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डोंगराखुर्द (ललितपुर)। प्रधानमंत्री बेटियों/ महिलाओं को सशक्त व आत्म निर्भर बनाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित कर रहे हैं। प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन पाली तहसील के ग्राम पारौल में कॉलेज के अभाव में बेटियां आठवीं पास कर पढ़ाई छोड़ रही हैं। प्रतिवर्ष करीब 50 बेटियां पढ़ाई छोड़कर घर बैठ रही हैं अथवा रिश्तेदारी या बाहर जाकर पढ़ाई कर रही हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेटियाें के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
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ग्राम पारौल से आसपास 15 किलोमीटर की दूरी पर इंटर कॉलेज नहीं है। बेटे तो कहीं दूर जाकर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन गांव की बेटियां कक्षा आठ पास कराने के बाद नहीं पढ़ पा रही हैं। जब कक्षा आठ पास करके के बाद कक्षा नौ में पढ़ाई करने की बात आती है, तो 50 से अधिक बेटियां प्रतिवर्ष कक्षा आठ के बाद पढ़ाई छोड़ कर घर बैठ जाती हैं। कम पढ़ाई होने के कारण बेटी के पिता को विवाह करने में मुश्किल आती है। पिता जब पुत्री के लिए वर देखने जाते हैं तो बेटी की पढ़ाई के बारे में लड़के पक्ष के लोग पूछताछ करते हैं। कम पढ़ाई होने के कारण बेटियों की शादी में परेशानी आती है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से गांव में इंटर कॉलेज खेलने की मांग की, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लिया था गांव को गोद
ग्राम पारौल का विकास कराने के लिए पूर्व सांसद/ पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने गांव को गोद लिया था। तब गांव वालों को विकास की उम्मीद थी, लेकिन विकास धरा का धरा रह गया। गांव वालों ने प्राथमिकता से गांव में इंटर कॉलेज के निर्माण की मांग की थी, पर अब तक कॉलेज का निर्माण नहीं किया गया।
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विधानसभा चुनाव में रहा कॉलेज का मुद्दा
वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों ने इंटर कॉलेज निर्माण को लेकर चुनाव बहिष्कार किया था। ग्रामीणों ने इंटर कॉलेज बनाए जाने की मांग को प्रमुखता से लिया था। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया था, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी इंटर कॉलेज का निर्माण नहीं हो सका और न ही कोई अब तक इसके लिए आगे आया है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी
पूर्व प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। कक्षा आठ तक के शिक्षकों के पद खाली हैं, वर्तमान मे तीन कक्षाएं सिर्फ एक शिक्षिका के भरोसे हैं। ऐसे में बच्चों को क्या शिक्षा मिल रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है ।
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ग्राम पारौल में इंटर कॉलेज बनवाने के संबंध में उप मुख्यमंत्री से बात की गई थी। जल्द प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई में अवरोध न आए।
- मनोहर लाल पंथ, श्रम एव सेवायोजन राज्यमंत्री।
गांव से 15 किलोमीटर की दूरी पर इंटर कॉलेज है, लेकिन बच्चियों को स्कूल नहीं भेजते हैं। इसलिए उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है।
- महेंद्र सिंह
प्रतिवर्ष 50 बेटियां कक्षा आठवीं के बाद पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं। इससे उनकी शादी अच्छी जगह नहीं हो पाती और भारी दिक्कत आती है।
- दीपेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य

दीपेन्द्र सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य- फोटो : LALITPUR

मृहेंद्र सिंह- फोटो : LALITPUR

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