कोच अंदर से बंद कर महिलाओं से की छेड़छाड़, 41 पकड़े
मध्य प्रदेश के सागर जिला में सेना भर्ती से लौट रहे तीन दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने रविवार को चेन्नई-लखनऊ एक्सप्रेस में जमकर बवाल काटा। कोच को अंदर से बंद कर महिलाओं से छेड़छाड़ की और विरोध करने पर यात्रियों के साथ मारपीट की गई। हंगामा की सूचना डीजी कंट्रोल से मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ ने 41 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि बहुत से उपद्रवी भाग निकले।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में सेना भर्ती चल रही है। रविवार को ग्वालियर मंडल के अभ्यर्थियों की भर्ती थी। सैकड़ों अभ्यर्थी सागर से लौटकर बीना रेलवे स्टेशन पहुंचे, यहां से दोपहर करीब सवा दो बजे यह सभी झांसी तक के लिए चेन्नई-लखनऊ एक्सप्रेस में एस-5 से एस-8 व एस-9 कोचों में सवार हो गए। बीना से ट्रेन चलते ही इन लोगों ने ट्रेन में जमकर बवाल काटना शुरू कर दिया। महिलाओं व लड़कियां के साथ अभद्रता की। लोगों ने यदि विरोध भी जताया तो उनके साथ भी मारपीट की। कई महिलाओं के तो कपड़े तक फाड़ दिए गए। इन अभ्यर्थियों के इस प्रकार के बर्ताव से महिलाओं में चीख पुकार मच गई। बुजुर्गों तक को भी नहीं छोड़ा गया। परेशान यात्रियों ने किसी प्रकार इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल डीजीपी लखनऊ को दी, जिस पर डीजीपी कंट्रोल ने झांसी व ललितपुर जीआरपी को इसकी सूचना देते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। जिस पर जीआरपी और आरपीएफ ने मय फोर्स के ललितपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर हाल्ट होने के चलते ट्रेन रुकते ही एस-7 और एस-8 कोच को घेर लिया। जीआरपी व आरपीएफ कर्मियों को देखकर कई उपद्रवी भाग निकले, जबकि कई पकड़ में आ गए। कई बार चैन पुलिंग भी की। जीआरपी व आरपीएफ की इस कार्रवाई में करीब आधा घंटे तक ट्रेन रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रेन से कुल 41 उपद्रवियों को पकड़ लिया और थाने ले जाकर बिना टिकट यात्रा करने, चैन पुलिंग करने, यात्रियों व महिलाओं के साथ अपशब्द उपयोग करने आदि विभिन्न मामलों में गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की है। इस दौरान कार्रवाई में जीआरपी थानाध्यक्ष महेश दुबे, आरपीएफ थानाध्यक्ष केपीएस बुंदेला, इंस्पेक्टर शमीम खान, अरुण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
पहले भी हो चुका उपद्रव
ललितपुर। ट्रेनों में उपद्रव करने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कई बार ट्रेनों में सेना भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा उपद्रव किया गया है। पिछले कई दिनों से सागर में भर्ती से लौटने के दौरान साबरमर्ती एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में अभ्यर्थियों द्वारा यात्रियों के साथ अभद्रता करने की बात कही जा रही है। जिसके चलते कई लोगों ने तो महिलाओं के साथ होने के चलते अगले स्टेशनों पर उतरकर दूसरी ट्रेनों से यात्रा करना उचित समझा।
आरपीएफ व जीआरपी की कम संख्या आई कार्रवाई में आड़े
ललितपुर। चेन्नई-लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन में रविवार को उपद्रवियों के साथ कार्रवाई में आरपीएफ व जीआरपी को कम संख्या होने के चलते काफी परेशान होना पड़ा। इसके लिए जीआरपी को रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले वैंडरों की मदद लेनी पड़ी। जीआरपी व आरपीएफ कर्मियों ने बैंडरों के साथ घेराबंदी करते हुए उक्त उपद्रवियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।