ललितपुर। नारी गरिमा के साझा संकल्प अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के तहत रविवार को आंगनवाड़ी महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें जिलाधिकारी ने बताया कि जनसहभागिता के बिना कोई भी योजना का क्रियान्वयन संभव नहीं है। नारी गरिमा के लिए अमर उजाला की ओर से शुरू की गई मुहिम सराहनीय है। क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए महिलाएं आगे आएं।
रविवार को जिला कार्यक्रम विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि अपराजिता के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को विकसित कहा जाता है, कारण है पश्चिमी जिलों की मातृशक्तियां विकास के लिए अभूतपूर्व योगदान प्रदान करती हैं। जबकि बुंदेलखंड में कई स्तर पर पिछड़ापन है। हमारी जमीन अन्य इलाकों की अपेक्षा कम नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने मातृत्व वंदना योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि पुुरुष योजनाओं के माध्यम से मिलने वाले लाभ को गलत कार्यों मेँ उपयोग कर उनका दुरुपयोग करते थे। इसके लिए शासन ने स्वरोजगार की योजना महिलाओं के हाथों में सौंपी है। इसके लिए उन्होंने अपने प्लान बताते हुए बताया कि स्वरोजगार के माध्यम से महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वह स्कूलों में बटने वाली ड्रेस की सिलाई करते हुए खुद को स्वावलंबी बना सकें।
उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को बताया। उन्होंने अमर उजाला की ओर से उपलब्ध करवाए गए संवाद के इस प्लेटफार्म के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। आकांक्षा समिति की अध्यक्ष और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की क्षेत्रीय संयोजक मंजू सिंह ने बताया कि भविष्य का निर्माण करने में आंगनबाड़ी महिलाओं की अहम भूमिका है। इसके साथ ही वह समाज में फैले बेटा और बेटी के भेदभाव को समाप्त कर सकती हैं। महिलाओं के लिए सरकार ने तमाम योजनाएं संचालित की हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव मेँ वह पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंच पाती हैं। उन्होंने बताया कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के लिए बनाया गया हैसटैग भी सराहनीय है। जिसका तात्पर्य है कि हिंसा को नहीं सहेंगे और न ही चुप रहेंगे। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत बुके भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्था लोक सागर सोसायटी के सदस्यों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र पटेल ने बताया कि महिलाओं में जागरूकता लाकर ही अपराजिता शब्द का लक्ष्य पूरा हो सकता है। केंद्र सरकार ने पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म करने के लिए जागरूक किया। जिला विद्यालय निरीक्षक रमाशंकर ने बताया कि आजादी के बाद से महिलाएं संवैधानिक अधिकार मिलने के बाद हर क्षेत्र में अपने झंडे गाड़ रही हैं। इसके लिए जरूरत है शिक्षा की। शिक्षा के बिना कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती है। इसके लिए बेटा और बेटी में भेदभाव खत्म करते हुए नियमित अपने बच्चों को समय से विद्यालय पहुंचाएं। शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। आज किसी भी परीक्षा परिणामों में बेटियां कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने बताया कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का काम तीन ए नाम के कार्यकर्ता करते हैं, इनमें आंगनबाड़ी महिलाएं, एएनएम और आशा कार्यकर्ताएं शामिल हैं। खुशी की बात यह है कि यह सभी महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि हर स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने और उनको अमलीजामा पहुंचाने का कार्य इन महिलाओं का है। कार्यक्रम के उपरांत जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान महिलाओं को नारी गरिमा को अक्षुण्य रखने की शपथ दिलवाई गई और शपथपत्र भरवाए गए। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रीति, शहर नीरज कुमार सिंह समेत आकांक्षा समिति की पदाधिकारी मौजूद रहीं।
महिलाओं की हुई गोदभराई
जिला कार्यक्रम विभाग की ओर से रविवार को अपराजिता के कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं का गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शहर क्षेत्र की महिलाओं विद्या पत्नी नितिन, रौसिया पत्नी अतीक, रसिना पत्नी जावे, प्रतिभा पत्नी भरत, पप्पी पत्नी राजेश और जेवा बानो पत्नी अतहर रजा की गोदभराई की गई। इस दौरान आकांक्षा समिति की अध्यक्षा मंजू सिंह और जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने गर्भवती महिलाओं को पोषण थाली भेंट कर उनकी गोदभराई की। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सम्मानित किया।
महिलाओं ने लगाए उत्पादों के स्टॉल
कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने उत्पाद को प्रदर्शित करते हुए अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस दौरान रजावन गांव निवासी महिला रामरती दुबे, भदौना गांव निवासी राजेश, मंगलपुरा गांव निवासी रानी गुप्ता, तेरईफाटक निवासी भगवती, भुचेरा निवासी आशारानी, दावनी निवासी सीमा वर्मा, पवा निवासी राजकुमारी, प्रवेश राजा, डोली शर्मा, वंदना, सुमन, मेनका और वंदना गुप्ता ने केक लड्डू, पेठा, मीठे पुआ, चकली समेत कई अन्य घर में बने उत्पादों का प्रदर्शन किया। अतिथियों ने उनके स्टॉल का निरीक्षण कर उनके उत्पादों की सराहना की।
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महिलाओं को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करने का एक प्लेटफार्म मिला है। इसके माध्यम से महिलाओं में जागरूकता आई है। अमर उजाला की ओर से चलाई जा रही मुहिम सराहनीय है और इसकी प्रशंसा की जानी चाहिए।
प्रतिभा कौशिक, जिलाध्यक्ष आंगनबाड़ी एवं सहायिका एसोसियेशन
अमर उजाला की ओर से चलाई जा रही मुहिम सराहनीय है और इसकी प्रशंसा की जानी चाहिए। इसके माध्मय से महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। इस तरह के कार्यक्रम से जहां महिलाएं जागरूक होंगी, वहीं वह अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए प्रेरित भी होंगीं।
पुष्पा वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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इस तरह के कार्यक्रमों से महिलाओं में जागरूकता आती है। कार्यक्रम जारी रहना चाहिए, ताकि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। अमर उजाला की ओर से चलाई जा रहे मुहिम की सराहना की जानी चाहिए।
नीरज कुमार सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी, शहर
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