ललितपुर। प्रदेश में नये संग्रहालयों का निर्माण किए जाने की योजना है। इन संग्रहालयों में प्राचीन बुंदेली शैली की पुरातन सामग्री (एंटीक) को रखा जाएगा। प्रमुख सचिव उप्र शासन संस्कृति अनुभाग और निदेशक संस्कृति निदेशालय जवाहर भवन लखनऊ ने आम लोगों और संस्थाओं से एंटीक वस्तुओं के दान के लिए सहयोग मांगा है, ताकि इनको देश का कोई भी आम नागरिक देख सके और शोध करने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिले।
पुरानी वस्तुओं के मामले में जनपद का विशेष स्थान रहा है। यहां कई प्राचीन मंदिर है। इसके अलावा कई प्राचीन वस्तुएं भी हैं। वहीं, प्रदेश में विभिन्न प्रकार के संग्रहालय हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां, जिनमें सामग्री, मुद्राएं, सज्जा-कला और कलात्मक वस्तुएं एवं प्राकृतिक विज्ञान से संबंधित पशु-पक्षियों का उत्कृष्ट संग्रह हैं। कई जनपदों में नए संग्रहालयों का निर्माण भी प्रस्तावित हैं। नये निर्मित हो रहे संग्रहालयों के लिए उपरोक्त प्रकार के सामग्रियों के संग्रहण की आवश्यकता है। इन संग्रहालय में बुंदेली शैली की प्राचीन वस्तुओं को रखे जाने की योजना है। कई व्यक्तियों और संस्थाओं के पास उपरोक्त विषय से संबंधित पुराने समय की बहुमूल्य वस्तुएं हैं और वे प्रदर्शन हेतु एवं शोधार्थियों के लाभार्थ दान भी करना चाहते हैं। उपर्युक्त वस्तुएं प्राप्त होने से इनका संरक्षण करते हुए संग्रहालयों में जनसामान्य के लिए प्रदर्शन किया जा सकेगा, जिससे युवा पीढ़ी को ज्ञान प्राप्त हो सकेगा, साथ ही संबंधित विषय के शोध में मदद भी मिलेगी। जनपद के गणमान्य नागरिक/स्वयंसेवी संस्थाएं व अन्य जो पुराने समय के बहुमूल्य वस्तुओं को दान या उपहार के रूप में देना चाहते हैं, वे किसी भी कार्यदिवस में जिला सूचना कार्यालय में उपस्थित होकर संपर्क कर सकते हैं।