सैदपुर। कस्बा सैदपुर और आसपास के गांव में अन्ना पशुओं की समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है। एक तरफ इन जानवरों से जहां किसानों को अपनी फसलों को बचाना मुश्किल पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर सैकड़ों की संख्या में सड़क पर बैठे रहने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है। जानवरों से बचकर निकलने के चक्कर में आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है, जिससे एक तरफ किसान तो दूसरी तरफ राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इधर मड़ावरा रोड पर कस्बा सैदपुर, सतवांसा, साढूमल, मड़ावरा, बम्हौरी, पिपरट, जलंधर, दिदौनियां आदि गांव के साथ साथ दूसरी ओर महरौनी मार्ग पर नैनवारा, छायन, खिरिया, कुआगांव आदि गांव के आसपास सैकड़ों की संख्या में अन्नापशु सड़क पर जमे रहते हैं, जो दिन के समय सड़क पर डेरा डाले रहते हैं, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। मार्ग पर मौजूद जानवरों को बचाकर निकलने के चक्कर में आये दिन कई दुपहिया वाहन चालक गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। वहीं, रात के समय बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं, यह खासतौर पर दुपहिया वाहनों की हैडलाइट की रोशनी में दूर से नजर नहीं आते हैं नजदीक आने पर ये जानवर दिखाई देते हैं ऐसी स्थिति में वाहन चालक की या तो सीधी टक्कर जानवर से हो जाती है या जानवर को बचाने के चक्कर में वाहन चालक का संतुलन विगड़ जाने से गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं, बडे़ वाहनों की टक्कर लगने से जानवरों की भी मौत हो जाती है। अक्सर सडक किनारे वाहनों की टक्कर लगने से मरे हुये जानवर दिखाई दे जाते है। वहीं दूसरी ओर किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है सडक किनारे बसे गांव में सैकड़ों की तादात में अन्ना पशु डेरा जमाये है कस्वा सैदपुर में लगभग पांच सैकडा आवारा पशु मौजूद है जिनसे फसलों की सुरक्षा कर पाना बेहद मुश्किल है। अन्नापशु प्रभावित क्षेत्र का किसान दिनरात खेतों की रखवाली में जुटा रहता है रात्रि के समय जब किसान नींद में होता है तभी पलक झपकते ही खेतों में घुसकर फसलें स्वाहा कर देते है। जब फसलें उगती है तो पौधे और पत्तियों को नुकसान पँहुचाते.है जब फसलें फली पर आती है तो केवल फलियां ही खाने लगते है जिससे फसलों को काफी नुकसान हो जाता है इस अन्नापशुओं ने किसानों में कोहराम मचा दिया चाहकर भी समस्या का समाधान नहीं कर पारहे है । इस वर्ष तो अन्ना प्रभावित क्षेत्र के किसानों को दोहरी समस्या का सामना करना पडा एक तरफ अन्नापशुओं ने फसलों को नुकसान पँहुचाया तो दूसरी तरफ अतिवृष्टि से भी खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है दोनों तरफ से हुये नुकसान ने किसानों की कमर तोड दी। ऐसी स्थति में किसान प्रसाशन की ओर आर्थिक मदद के लिये मुँह ताँक रहा है। क्षेत्र के किसानों का कहना है की प्रसाशन न तो फसलों में हुये नुकसान के प्रति गंभीर है न ही अन्नापशुओं की समस्या के समाधान को, क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुये नुकसान का प्रशासन ने सर्वे कराया हो लेकिन यह सर्वे किसानों के गले नहीं उतर रहा है। उन्हें आशंका है की कहीं यह सर्वे किसानों के साथ मात्र एक छलावा साबित न हो जाये।