फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रक से उतारने से क्रोधित मजूदरों ने लगाया हाइवे पर जाम

विज्ञापन
ग्राम बंगरिया में बाहर से आए मजदूरों ने लगाया हाईवे पर जाम - फोटो : LALITPUR
विज्ञापन
ललितपुर। अमझरा घाटी से ट्रक में बैठे प्रवासियों को ग्राम गौना के पास उतार दिया। इससे गुस्साए मजदूरों ने खाना व पानी की व्यवस्था नहीं होने का हवाला देते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। काफी मशक्कत के बाद उन्हें समझाकर बसों से भेजा गया।
विज्ञापन

अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासियों को सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मजदूरों के लिए समय पर भोजन व पेयजल की व्यवस्था की जाए। सभी को घर भेजने के लिए बसों की सुविधा दी जाए और इसमें सामाजिक दूरी का विशेष ख्याल किया जाए, जिससे प्रवासियों केे घर पर तक पहुंचने के लिए परेशानी न हो। इसके अलावा ट्रक व अन्य वाहनों से आने-जाने पर रोक लगाई गई है। लेकिन, जिले में इसका असर नहीं दिख रहा है। सोमवार को जनपद की सीमा अमझरा घाटी से प्रवासियों को बसों की सुविधा न देकर ट्रक में बैठाकर रवाना कर दिया गया। महाराष्ट्र से चलकर बिहार जा रहे लगभग ढाई सौ मजदूरों को बिना भोजन व पानी मुहैया कराए ही ट्रकों में बैठा दिया गया। लेकिन, ट्रक चालकों ने कुछ ही दूरी चलने के बाद वाहन से उतार दिया।
इससे भूखे व प्यासे बच्चों को लिए मजदूरों का आक्रोश फूट गया। ग्राम बंगरिया और सरखड़ी के बीच में सभी ने अपना सामान सड़क और डिवाइडर पर रख लिया। आक्रोशित मजदूरों से सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि यहां पर भोजन नहीं दिया गया है। इससे बच्चे भूख से परेशान हैं। पानी नहीं मिल सका, इससे प्यासे हैं। बस की सुविधा भी नहीं दी गई है। ट्रक में बैठाया तो उसने पांच किलोमीटर के बाद उतार दिया है, अब हम अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कहां जाएं। इससे सड़क पर जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचीं। जहां गुस्साए मजूदरों को काफी समझाया और बसों में बैठाकर रवाना किया गया।
विज्ञापन

ज समाजसेवियों ने बांटे बिस्कुट
सोमवार को ट्रक से उतार दिए गए मजदूर और उनके बच्चेे चिलचिलाती धूप में बैठे मुंह ताक रहे थे। इसी दौरान ललितपुर के कुछ समाजसेवी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बिस्किट व अन्य खाद्य सामग्री बांटी। इसे पाकर लोगों को कुछ राहत मिली।
अमझरा घाटी जनपद की सीमा से किसी भी प्रवासी को ट्रक में नहीं बैठाया गया है। प्रवासी जंगल के रास्ते से आकर ग्राम गौना पहुंचे, जहां ट्रक में बैठकर जा रहे थे। उन्हें रोका गया और बस से उन्हें उनके गृह जनपद भेजा गया है।
विज्ञापन

फूल सिंह-सीओ
- फूलसिंह, क्षेत्राधिकारी पाली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें