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अमझरा बार्डर पर फंसे मजदूर

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पैदल आते मजदूर - फोटो : AMAR UJALA
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वैश्विक महामारी कोराना से गंभीर समस्या उत्पन हो गई , जो मजदूर अन्य शहरों में काम करते थे, उनका काम बंद हो गया है और अब वह अपने वतन पहुंचने के लिए पैदल ही चल रहे हैं। जिले की सीमा अमझरा घाटी पर बड़ी संख्या में आए मजदूर फंसे हुए हैं। ललितपुर जिले की अमझरा घाटी सीमा पर कड़ी नाकाबंदी की गई है। पुलिस तैनात है, जो पैदल या किसी वाहन से आने वालों को वापस लौटा रहे हैं। यह मजदूर मालथौन टोल प्लाजा के पास और घाटी गोशाला में फंसे हैं, जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। यहां भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है। पुरुष, महिलाएं और छोटे बच्चे हैं, जो घर जाने के लिए रो रहे हैं। यह लोग जिला जालौन के निवासी हैं और अपने घर जाना चाहते हैं। इसके अलावा हैदराबाद से दस मजदूर निकले, जिन्हें संत कबीरनगर जाना है। देश के अन्य राज्यों से पैदल चलकर मजदूर वापस उत्तर प्रदेश के जालौन, झांसी, संतकबीर नगर, मप्र के मुरैना जाना चाहते हैं, लेकिन इन्हें यूपी सीमा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ये मजदूर तेलंगाना, आंध्रप्रदेश आदि राज्यों से वापस लौटे हैं। ---------------------- पहली बार गए थे काम पर संत कबीरनगर से दस लोग हैदराबाद में पैंटर का काम करने गए थे। वहां पर पहुंचे और लाॅकङाऊन हो गया। पीड़ित सत्यानंद चौरसिया ने बताया कि ख़ाना पीना के लिए पैसा नहीं है। दो दिन से खाना नहीं खाया और छह दिनों से नहाया- धोया नहीं है। --------------- छोटे बच्चे हो रहे परेशान तेलंगाना से पांच परिवार आएं हैं। उन्हें जालौन जाना है। उनके साथ छोटे- छोटे बच्चे हैं, जो भूख प्यास से व्याकुल हो रहे हैं। भीषण गर्मी में है बार्डर पर आकर फंस गए हैं, जहां पर भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चे अधिक परेशान हैं। ------- ट्रक वाले दे रहे सहारा ट्रकों के ड्राइवर केबिन में मजदूरों को लिटाकर ले जा रहे हैं। ऊपर रस्सी तिरपाल कस देते हैं, जो जोखिम भरा सफर रहता है। स्थानीय लोग जंगल का रास्ता बताकर मजदूरों को निकाल रहे हैं।
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