फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिव कथा श्रवण के साथ ही जीवन में चरितार्थ भी जरूरी : कथा व्यास

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कथा व्यास पंडित बद्री प्रसाद पाठक ने कहा कि शिव कथा का श्रवण के साथ ही लोगों को जीवन चरितार्थ करना भी जरूरी है। वह मंगलवार को ग्राम कल्यानपुरा में चल रही शिव महापुराण कथा का र्वन कर रहे थे।
विज्ञापन

कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव की कथा श्रवण करने के साथ ही जीवन चरितार्थ करना अति आवश्यक है। दो प्रतिमाओं का दृष्टांत देकर समझाया कि दोनों मूर्तियां 50-50 ग्राम की हैं। एक का मूल्य पांच सौ रुपये और दूसरी मूर्ति का मूल्य पांच हजार रुपये है। सभी बेचने वाले पर हंसते हैं। दोनों का एक वजन, एक सी मूर्ति है, जिस पर बेचने वाला कहता है कि इसको हर कोई नहीं समझ सकता। उसने रस्सी लेकर एक मूर्ति के कान में डाली तो वह दूसरे कान से बाहर आ गई। फिर दूसरी मूर्ति के कान में रस्सी डाली तो वह सीधे मूर्ति के अंदर प्रवेश कर गई, यह मूर्ति पांच हजार की है। इस प्रसंग से यही शिक्षा प्राप्त होती है, मनुष्य जीवन को सफल करने के लिए सत्संग श्रवण करने के बाद कथा संपन्न हुई। वहीं प्रतिष्ठाचार्य बाबूलाल द्विवेदी द्वारा भगवान शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा एवं पूर्णाहूति संपन्न हुई। छतरपुर के भजन गायक परशुराम अवस्थी के भजनों पर ग्रामीण झूमते रहे। इस मौके पर मुख्य यजमान दुर्गाप्रसाद पाठक-उर्मिला पाठक, राम प्रसाद पाठक-मिथला देवी, सुमन पाठक, कीर्ति पाठक, आशीष अग्निहोत्री, ऋषभ अग्निहोत्री, कामता प्रसाद पाठक, नरेश पाठक, हरीराम पाठक आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें