संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सैदपुर में 1472 एकड़ भूमि पर बल्क ड्रग पार्क बनाया जा रहा है। प्रथम चरण में 350 एकड़ भूमि पर विकास किया जा रहा है। 29 प्लाट काटे जाएंगे, जिन्हें यूपीसीडा ने 1914 रुपये वर्ग मीटर की दर से देने का निर्णय लिया है। यूपीसीडा ने सभी साइज के प्लाट ले आउट में काटे हैं। जरूरत पड़ने पर एक कंपनी को दो प्लाट भी आवंटित किए जाएंगे। एकमुश्त भुगतान पर दो प्रतिशत अतिरिक्त छूट का प्रावधान रखा गया है।
ड्रग पार्क में शोध केंद्र व ड्राई पोर्ट का निर्माण भी शामिल है। हरियाणा में हुए रोड शो से निवेशकों का का रुझान भी जनपद की ओर बढ़ा है। शासन ने 450 करोड़ रुपये निर्गत किया है। यहां 29 औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए प्लाट काटे जा रहे हैं। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग ने सड़क का निर्माण प्रारंभ कर दिया है। कुछ पेड़ बाधक बन रहे थे, उनकी कटान के लिए वन विभाग को पत्राचार किया गया था। वन विभाग पैमाइश में देरी कर रहा था। हाल में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह मुद्दा गरमाया था। जिलाधिकारी ने वन विभाग को तत्काल पैमाइश के निर्देश दिए थे, इसके बाद कार्य तेजी से प्रारंभ हो गया है। शासन स्तर पर एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन होने का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
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डीआरडीओ जैसी संस्थाएं जुड़ेंगी फार्मा पार्क से
ड्रग फार्मा पार्क में अभिनव उपकरण भी तैयार किए जाएंगे। इसके लिए कई बड़ी संस्थाओं को जोड़ा जा रहा है। यूपी सरकार ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) जैसी नामी संस्थाओं को बल्क ड्रग पार्क से जोड़ते हुए इन्हें अपना नॉलेज पार्टनर बनाया है। इससे मेडिकल सेक्टर में रिसर्च को बढ़ावा मिल सकेगा। नए उपकरण भी तैयार किए जा सकेंगे, जिससे गंभीर बीमारियों को जल्द चिह्नित किया जा सके। उत्तर प्रदेश सरकार ने सीएसआईआर से 43 और डीआरडीओ की 46 प्रयोगशाला से एमओयू साइन किए हैं। यहां सस्ती दवाओं के लिए शोध का कार्य होगा।
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ड्रग पार्क में प्लाट आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कई कंपनियां संपर्क में हैं, 1914 रुपये वर्गमीटर के हिसाब से कंपनियों को आवश्यकता अनुसार प्लाट आवंटित किए जाएंगे।
जॉनी बिल्टौरिया, प्रबंधक, यूपीसीडा।