ललितपुर। तुवन मंदिर प्रांगण में चल रहे ललितपुर महोत्सव के सातवें दिन गजल और कव्वाली के कार्यक्रम ने दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एसडीएम सदर रमेश चंद्र ने दीप जलाकर की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों को प्रतिभा दर्शाने का मंच प्रदान करते हैं।
मेला देश की पुरातन संस्कृति का हिस्सा है और नगर पालिका का यह कार्यक्रम बेहतर है। इसके बाद कव्वाल अरमान शोला ने राष्ट्रीय गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। अरमान शोला व छोटे मजीद शोला ने अपने ग्रुप के साथ गजलों व कव्वालियां पेश कर समां बांध दिया।
देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सबसे पहले कौमी एकता को दर्शाती गजल हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सबने यही पुकारा है, हिंदुस्तान हमारा है... को पेश किया गया। इस गजल को दर्शकों ने खूब सराहा। तब्बसुम से चेहरा खिल जा रहा है, तुम अपने गुजरने का इस तरह पता देना..., धूप में सुखाती हो बाल, अंगुलियों पर गिनगिन कर..., मंदिर में वही मस्जिद में वही..., आदि गजल व कव्वलियां पेेश कीं।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, अनिल दीक्षित, नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी राकेश कुमार, मुख्य सफाई और खाद्य निरीक्षक आरके लावनिया, सफाई निरीक्षक डीके बिरौनिया, कर अधीक्षक हेमंत सिंह, सह मेला प्रभारी रमाकांत तिवारी, रामसेवक, दीनदयाल सोनी, विनीत कुमार, हबीब खान, अभिषेक चौबे समेत बड़ी संख्या में पार्षदगण उपस्थित रहे। संचालन दिनेश गोस्वामी ने किया।
झूला लुभा रहे बच्चों को
ललितपुर महोत्सव में लगे तमाम प्रकार के झूले बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले में सबसे ज्यादा भीड़ झूलों के काउंटर पर देखी जा रही है। महोत्सव में लगे तमाम स्टालों पर भी खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। मेल में कई प्रकार के खाद्य पदार्थों के साथ की गृहस्थी के सामान व कपड़ों के स्टाल लगे हुए हैं।