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शहर क्षेत्र आजादपुरा में गांव से भी बदतर हालात

Tue, 12 Jul 2016 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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Ajadpura, lalitpur news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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ललितपुर। शहर क्षेत्र में आने के बावजूद वार्ड नंबर 20 मुहल्ला आजादपुरा के लोगों को सड़क, नाली आदि बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकी हैं। सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के पीछे बसी बस्ती का मंजर नगर पालिका द्वारा किए गए विकास के दावों को झुठला रहा है। लोगों ने निकलने के लिए चबूतरों से रास्ता बना लिया है। वहीं, रास्ते के किनारे बना कुआं बारिश में दिखना बंद हो जाता है, ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है।  
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आजादपुरा मुहल्ला में करीब तीन सौ से अधिक मकान हैं। यहां के निवासियों के मुताबिक पार्षद के कार्यकाल को चार वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन यह इलाका विकास से कोसों दूर है। नगर पालिका के पिछले कार्यकाल में इन गलियों में डाली गई सड़कों का अस्तित्व लगभग खत्म सा हो गया है। वहीं, आधा सैकड़ा से अधिक मकान ऐसे हैं, जहां पर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। सड़कों व घरों के बाहर जमे कीचड़ के कारण स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति इतनी बदतर है कि मोटरसाइकिल तो दूर की बात लोगों का पैदल भी निकलना दुश्वार हो गया है। नालियों व घरों के बाहर चबूतरों पर से लोगों ने अपना रास्ता बना लिया है। नगर पालिका की उदासीनता को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। विगत कई वर्षों से स्थानीय लोग लगातार सड़क व नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्याओं को निस्तारण नहीं किया जा सका है।
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घरों में भरता है, बारिश का पानी
आजादपुरा मुहल्ला आस-पास के क्षेत्रों से कुछ गहराई में बसा हुुआ है। इससे मुहल्ला गांधीनगर, नई बस्ती, चंडी मंदिर, लेडियापुरा, आजादपुरा का पूरा पानी नालियों में बहकर यहां एकत्रित हो जाता है। इस मुहल्ले में वर्षों पहले बनी नालियां पूरी तरह से जर्जर हो गई हैं। इस कारण यहां जल भराव की स्थिति बन जाती है।

बरसात के दौरान तीनों वार्डों का पानी एक ही मुहल्ले में आकर एकत्रित हो जाता है, इससे यहां पर तीन से पांच फुट तक पानी भर जाता है। सड़कों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुसने लगता है। बरसात के मौसम में यहां रहने वाले सैंकड़ों परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

सड़क किनारे बना है, मौत का कुंआ
विद्यालय के पीछे वाली गली में डीडी सोलंकी के मकान के सामने सड़क के किनारे एक प्राचीन कुंआ बना है। कुएं के चारों ओर उठी दीवार वर्षों पहले ढह चुकी है, जब यहां की सड़कों पर बरसात का पानी भर जाता है, तो सड़क से कुआं दिखाई नहीं देता है। यदि राहगीर सड़क से आधा फुट भी नीचे उतर गया तो वह सीधा कुएं में जा गिरेगा। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिससे परिजनों को भय बना रहता है।

कुछ दिन पूर्व ही बरसात के दौरान थाना मड़ावरा के ग्राम सड़खड़ी में भी इसी तरह सड़क किनारे बने बिना मुडेर के कुएं में फिसल कर एक युवक की मौत हो गई थी। यदि शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया तो, इसी तरह की अप्रिय घटना यहां भी हो सकती है।

डीएम से कार्रवाई की मांग
त्रिलोकीनाथ कटारे एड. ने जिलाधिकारी को मुहल्ले में जलभराव व सड़कों की मरम्मत को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मुहल्ले में विगत दस दिनों से जलभराव की स्थित से अवगत कराते हुए डीएम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका व प्रशासन द्वारा पिछले कई वर्षों से यहां की समस्या के निस्तारण की मांग की जा रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है।
 
पाषर्द को बने चार वर्ष हो गए हैं, लेकिन अब तक मुहल्ले में अभी भी सड़क व नाली का निर्माण नहीं किया गया है। पूर्व पार्षद द्वारा करीब आठ वर्ष पूर्व सड़क का निर्माण कराया गया था, जोकि जलभराव के कारण पूरी तरह से उखड़कर गायब हो गई है। - प्रवेश प्रजापति

बरसात का पानी घरों के अंदर घुस आता है, जिससे परेशानी होती है। सड़कों पर जमा कीचड़ से बच्चों को स्कूल जाने व महिलाओं को निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह स्थित पिछले कई वर्षों से है, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। - सावित्री झां
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