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उत्पादन में वृद्धि व लागत में कमी की जरूरत

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कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में प्रशिक्षण के पश्चात प्रमाणपत्र के साथ लाभार्थी और प्रशिक्षक। - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा खेती तकनीकियों पर पांच दिवसीय ग्रामीण युवक/युवतियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 12 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. अर्चना दीक्षित ने बताया कि आज के दौर में उत्पादन में वृद्धि के साथ लागत में कमी करने की आवश्यकता है।
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इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य समझाते हुए उन्होंने उर्वरक, सिंचाई आदि का कब, कैसे और कितनी मात्रा में पौधे की आवश्यकता अनुसार अनुप्रयोग करना है, के बारे में विस्तार से समझाया। इसी क्रम में परिशुद्ध खेती में सम्मिलित तकनीकियां जैसे, सूक्ष्म सिंचाई पद्धति, पलवार विधि, मृदा और जल की जांच आदि शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि इन विधियों का प्रयोग करने से 20 से 30 प्रतिशत तक लागत में कमी की जा सकती है। इन पद्धति का औद्योनिक फसलों में महत्व बहुत सराहनीय है। हाईटेक कृषि के अंतर्गत सब्जियों की संरक्षित खेती, जोकि प्रोट्रे में बुवाई कर की जा सकती है, जिसमें अधिक मूल्य वाली फसलों का चुनाव करना चाहिए एवं रेज्डबेड में पौधों को लगाकर पलवार (प्लास्टिक) का अवश्य प्रयोग करें, जिससे खरपतवार प्रबंधन किया जा सके। घुलनशील उर्वरकों का प्रयोग टपक सिंचाई पद्धति के साथ करने की सलाह दी, जिससे समय-समय पर लगने वाले मजदूरों का खर्च और उर्वरकों की क्षति को कम किया जा सके। कार्यक्रम में प्रतिभागियों के साथ डॉ. दिनेश तिवारी और डॉ. सरिता देवी मौजूद रहे।
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