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एक वर्ष बाद भी नहीं मिल पा रहीं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर दवाईयां

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जिला अस्पताल में स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। जिला अस्पताल में खोले प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र में एक साल बाद भी 40 प्रतिशत दवाएं ही उपलब्ध हो सकी हैं। इसका खामियाजा निर्धन मरीजों को आर्थिक नुकसान उठा कर बाहर से महंगी दवाएं खरीदकर भुगतना पड़ रहा है।
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निर्धनों परिवार के लोगों को सस्ती दरों पर दवा उपलब्ध कराने के केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले हैं। इसका उद्देश्य है कि गरीब को सस्ती दवा मिले। वर्तमान में लगभग छह सौ प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सर्जरी के लगभग तीन सौ प्रोडक्ट की सुविधा मुहैया कराई गई है। इसमें 50 प्रतिशत से कम दर पर दवाइयां उपलब्ध कराई जा रहीं है। सुविधा की शुरुआत जिले में जिला अस्पताल से हुई। जिला अस्पताल में एक साल पहले 28 सितंबर को प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोला गया। लेकिन, जिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र खुले में अब तक पूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। केंद्र पर सर्जरी का कोई भी सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। केंद्र पर 80 प्रतिशत सर्जीकल प्रोडक्ट्स नहीं हैं।
केंद्र संचालक का कहना है कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा दवाओं की सूची नहीं देने से शेष दवाएं और सर्जरी का सामान केंद्र पर नहीं मिल पा रहा है। इससे प्रधानमंत्री की योजना अस्पताल में उपेक्षा का शिकार हो रही है। इतना ही नहीं, कई निर्धन मरीज बाजार से दवा खरीदने को मजबूर हैं, तो कई मरीज पैसों के अभाव में दवा नहीं खरीद पा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के चलते औषधि केंद्र में दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रहीं है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धनों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
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अब तक 24 घंटे जनऔषधि केंद्र की सुविधा नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र को केवल 12 घंटे ही खोला जा रहा है। यह केंद्र सुबह आठ बजे से शाम सात बजे तक ही खुल रहा है। जिससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को जन औषधि केंद्र की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
प्रधानमंत्री जन औषधिक केंद्र में दवाइयों की कमी के कारण की जानकारी की जाएगी। यदि दवाइयों की सूची की आवश्यकता है तो शीघ्र सूची उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र पर मरीजों को सभी दवाएं मिल सकें।
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- डॉ. एस के बासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरुष
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