अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। रबी फसलों की बोआई करीब 78.4 फीसदी हो चुकी है। दलहन-तिलहन 90 फीसद तो गेहूं की बोआई करीब 70 फीसदी बताई जा रही है। अब किसानों को यूरिया की जरूरत है, लेकिन बाजार में 266.50 रुपये वाली बोरी 350 में मिल रही है। बांसी सहित कुछ अन्य समितियों पर अब भी डीएपी को लेकर मारामारी है। किसान समय पर बोआई न हो पाने से परेशान हैं।
बुधवार को सहकारी समिति बांसी में पर्याप्त मात्रा में खाद होने के बाद भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर, जिन खेतों में बोआई हो चुकी है, वहां अब पानी के साथ यूरिया डालना किसानों ने शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि 50 किलो यूरिया की बोरी 266.50 रुपये की आती है, जबकि बाजार में 330 से 350 रुपये तक की मिल रही है।
....दुकानदारों ने बढ़ाई कीमत
महरौनी-मड़ावरा। महरौनी व मड़ावरा तहसील क्षेत्र में अब दुकानों पर यूरिया के रेट बढ़ने लगे हैं। किसानों का कहना है कि समितियों पर डीएपी न मिलने पर उन्होंने बाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीद कर बोआई तो कर ली, लेकिन अब यूरिया भी अधिक दाम पर लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि रबी की फसलों की बोआई व सिंचाई के बाद छिड़काव करने के लिए यूरिया की बोरियां भी बाजार में 330 से 350 रुपये में खरीदना पड़ रहा है।
खाद के स्टॉक पर एक नजर
डीएपी-4352 मीट्रिक टन
एनकेपी-836 मीट्रिक टन
यूरिया-16200 मीट्रिक टन
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खाद की कालाबाजारी रोकने को प्रशासन अलर्ट : खाद की किल्लत न हो, इसे लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने सभी तहसीलों के एसडीएम व पुलिस को खाद की कालाबाजारी व तस्करी रोकने के निर्देश दिए हैं। इसी का नतीजा है कि रविवार रात थाना बालाबेहट बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान मध्यप्रदेश जा रही 110 यूरिया की बोरियों सहित ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी गई और तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया।