जिले के दौरे पर पहुंचे एडीजी अविनाश चंद्र ने शहर कोतवाली पहुंचकर लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर हमला करने वालों को सख्त हिदायत देते हुए कानून अपने हाथ में न लेने की नसीहत दी। इसके अतिरिक्त पुलिस पर हमला करने के लिए उकसाने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिले के विभिन्न थानों का निरीक्षण करने के बाद पहुंचे अविनाश चंद्र ने कोतवाली पहुंचकर आम लोगों ने संवाद किया। इस दौरान लोगों ने उनको समस्याएं बताईं और ज्ञापन सौंपे। इस दौरान उन्होंने कानून को अपने हाथ में न लेने की नसीहत दी। उन्होंने बताया कि पुलिस पर हमला करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। पिछले पांच साल के दौरान हुए पुलिस पर हमले के मामलों में आरोपियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की जाए। इसके लिए उन्होंने बताया कि कुछ लोग ही पुलिस पर हमला करने के उकसाते हैं, ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाए। वहीं, पुलिस को भी नसीहत दी गई है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें आने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन से सभी लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के निर्देश मिले हैं। रिपोर्ट दर्ज करवाने का सभी नागरिकों को अधिकार है, लेकिन झूठी रिपोर्ट दर्ज न करवाएं। झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाने पर वादी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इसके उपरांत एडीजी ने शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल मार्च किया और व्यापारियों से बात की। इसके उपरांत उन्होंने कोतवाली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोतवाली के कागजातों के रखरखाव और सभी कार्यालयों को देखा। वहीं, पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि दबाव में आकर पुलिस कर्मियों को निलंबित नहीं किया जाएगा। यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जाखलौन और झांसीपुरा में हुई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में उन्होंने बताया कि मुख्य पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करवाने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। किसी तीसरे व्यक्ति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। मानक के अनुरूप कम पुलिस बल के सवाल पर उन्होंने बताया कि उपलब्धता के अनुसार जा पुलिस मुहैया कराई जा रही है। आगामी वर्षों में नई भर्तियां होने पर पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध हो जाएगा।