संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बीते चार दिन पहले लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबरों को बुल्डोजर से गिरा दिया गया। विरोध करने पहुंचे अधिवक्ताओं पर पुलिस के बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज के विरोध में जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में जनपद के सैकड़ों अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
लखनऊ में 17 मई को पुलिस व प्रशासन द्वारा चैंबराें की तोड़फोड़ व अधिवक्ताओं पर हुई लाठीचार्ज से आक्रोशित जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, सदस्य व अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहकर जनपद न्यायालय के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि शासन ने अधिवक्ताओं को चैंबर तो दिए नहीं, लेकिन यदि उन्होंने चैंबर बना लिए तो उनके चैंबरों को ध्वस्त कर दिया गया। कहा कि प्रदेश सरकार को अधिवक्ताओं को बैठने के लिए चैंबर मुहैया कराना चाहिए।
सुबह करीब साढ़े दस बजे सभी अधिवक्ता कचहरी परिसर से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अधिवक्ता कलक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पिछले गेट से नारेबाजी कर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं के पास पहुंचे, जहां अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनी और ज्ञापन लिया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि लखनऊ में वकीलों से बर्बरता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन में कहा कि लखनऊ में पुलिस व नगर निगम द्वारा अमानवीय तरीके से अधिवक्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज व अधिवक्ताओं के चैंबरों की तोड़फोड़ की गई, जिससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। अधिवक्ताओं जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में जिला प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। दोषी पुलिस अधिकारियों / कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराके कानूनी की जाए। लखनऊ में अधिवक्ताओं के तोडे़ गये चैंबरों को जल्द से जल्द शासन द्वारा निर्माण कराए जाने और अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू किया जाने की मांग की है।
इस मौके पर अध्यक्ष हरीराम राजपूत, राजेश देवलिया, महेंद्र जैन, रतीराम कुशवाहा, शंभूदयाल शर्मा, बृजेंद्र सिंह चौहान, रामनरेश दुबे, भगवत कुशवाहा, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, पवन तिवारी आदि शामिल रहे।