ललितपुर। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में कक्षा सात के बाद चालीस प्रतिशत किशोरियों के स्कूल छोड़ने का सच सामने आने के बाद सरकार ने किशोरी सुरक्षा योजना शुरू की है। इसके तहत सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली किशोरियों को निशुल्क सेनेटरी नैपकिंस वितरित की जाएंगे। नैपकिंस की खरीद के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने गतिविधियां तेज कर दी हैं।
छात्राओं में किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तन के समय मासिक धर्म शुरू हो जाता है। लेकिन, छात्राओं को इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। इससे उन्हें दिक्कत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने किशोरी सुरक्षा योजना शुरू की है। इसके तहत कक्षा छह से बारह तक की छात्राओं को नैपकिन बांटे जाएंगे।
जनवरी माह से स्कूलों में सेनेटरी नैपकिंस का वितरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग नैपकिंस की खरीद कर सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों पर उपलब्ध करा देगा। ब्लाक संसाधन केंद्र से विद्यालयों की नोडल शिक्षिका सेनेटरी नैपकिंस प्राप्त करके स्कूलों में किशोरियों को उपलब्ध कराएंगी। इसके अलावा विद्यालयों में कार्यशाला आयोजित कर मासिक धर्म के बारे में किशोरियों को अवगत कराया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को शारीरिक कारणों से शिक्षा से दूरी बनाने से रोकना है।
शिक्षिकाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
समस्त सरकारी स्कूलों की शिक्षिकाओं को किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी व शारीरिक परिवर्तन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए शिक्षिकाओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना में आशाओं की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी। आशाएं सभी विद्यालयों में नैपकिन वितरण में सहायता करेंगी। जिन सरकारी विद्यालयों में शिक्षिका उपलब्ध नहीं होगी, वहां कक्षा मॉनीटर छात्रा को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
महिला अस्पताल में नहीं मिल रहे नैपकिंस
महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को भी निशुल्क सेनेटरी नैपकिंस उपलब्ध कराने की योजना है। लेकिन, जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं को नैपकिंस उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इस कारण से कई बार महिलाओं को संक्रमण का शिकार होना पड़ता है, जबकि योजना के तहत हर प्रसूता को महिला अस्पताल की ओर से दस नैपकिन का एक पैकेट उपलब्ध कराना होता है।
पंचायत उद्योग के प्लांट में कम उत्पादन
जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय की ओर से बिरधा में पंचायत उद्योग के तहत सेनेटरी नैपकिन बनाने का प्लांट लगाया है। इस प्लांट की जिम्मेदारी झांसी और ललितपुर जिले में सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराना है। बड़े पैमाने पर सरकारी योजनाओं में नैपकिन की मांग होने के बाद भी इस प्लांट का उत्पादन बहुत कम है। प्लांट में प्रतिदिन करीब तीन हजार सेनेटरी नेपकिन बनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन प्लांट की ओर से केवल दो सौ से तीन सौ नेपकिन ही तैयार हो पा रहे हैं, जबकि प्लांट पर दो जनपदों में आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्कूलों में सेनेटरी नेपकिन वितरण का कार्य जनवरी माह से शुरू हो जाएगा। शिक्षा विभाग से सभी छात्राओं के आंकड़े मांगे गए हैं।
- डा. सतेंद्र कुमार
मुख्य चिकित्साधिकारी