नगर पंचायत पाली में गरीबों के लिए बनने वाले आवासों में पांच साल से ऐसा रोड़ा अटका कि अभी तक नहीं निकल सका है। गरीब आज भी टकटकी लगाए इस इंतजार में हैं कि कब आवास पूरे होंगे।
गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने पाली क्षेत्र के 144 गरीबों का चयन किया। जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से तीन करोड़ इक्यानवे लाख रुपये की लागत से बनने वाले इन आवासों में बिजली, सड़क, पानी आदि सभी सुविधाएं विकसित की जानी थी। परियोजना स्वीकृत होने के बाद 27 फरवरी 2009 को काम शुरू हो गया। गरीबों को उम्मीद थी कि निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और उन्हें रहने के लिए ठिकाना मिल जाएगा, लेकिन काम जिस रफ्तार से चला था, उसी रफ्तार से धीमा पड़ गया। कार्यदायी संस्था जल निगम की सीएंडडीएस ने काम धीमा कर दिया। स्थिति यह है कि अभी तक सिर्फ भवनों का ढांचा खड़ा हो सका है। 26 मई 2010 को पूरा होने वाला कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है।
उल्लेखनीय है कि उक्त आवास सहरिया आदिवासियों और अनुसूचित जाति के गरीबों को दिए जाने हैं। साथ ही सामान्य वर्ग के गरीबों को भी लाभान्वित किया जाना है।
केंद्र की मोदी सरकार से उम्मीदें
पाली। केंद्र में आई नरेंद्र मोदी सरकार अच्छे दिनों का वायदा करके आई है। ऐसे में गरीब पात्रों को उम्मीद है कि शायद जल्द निर्माण कार्य हो जाएगा। गरीबों ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती से आवास निर्माण जल्द कराने की मांग की है।