ललितपुर। जिले की मिट्टी में जन्मे आईपीएस विनय तिवारी इन दिनों सुर्खियों में हैं। इसकी वजह अभिनेता सुशांत सिंह की आत्महत्या के केस में उन्हें जांच अधिकारी बनाया गया है। पिछले दिनों से विनय तिवारी राष्ट्रीय मीडिया में छाए हुए हैं।
जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर जाखलौन मार्ग पर स्थित भैलवारा गांव निवासी नाथूराम तिवारी के पौत्र है। पिता ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में पले-बढ़े विनय तिवारी के माता- पिता वर्तमान में तुवन मंदिर के पास आजादपुरा में रहते हैं। इनके बड़े भाई स्वप्निल तिवारी भोपाल में सेल टैक्स विभाग में अधिकारी हैं। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले विनय तिवारी की प्राथमिक शिक्षा ललितपुर में हुई। इंटरमीडिएट करने के बाद इंजीनियरिंग की तैयारी की और आईआईटी, बीएचयू वाराणसी में चयन होने पर सिविल से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में आल इंडिया में 50 वीं रैंक के साथ चयन हुआ और इसके बाद 2015 में 193 रैंक के साथ भारतीय पुलिस सेवा में चयन हुआ।
दो वर्ष की ट्रेनिंग करने के बाद शुरुआत में जिला बेगूसराय और गोपालगंज में कार्यभार संभाला। वर्तमान में विनय तिवारी पटना सिटी एसपी हैं। विनय ने बिहार के बहुत से लंबित केसों को अपने अंजाम तक पहुंचाया है। बेगूसराय में रहते हुए शराब बंदी व गो तस्करी पर रोकथाम जैसे कार्यों को बखूबी अंजाम दिया है। हाल ही में पटना में एक अपहरण कांड को 48 घंटे के अंदर सुलझाया है। विनय तिवारी अपनी कार्यकुशलता व प्रतिभा के बल पर बिहार के अच्छे पुलिस अधिकारियों में अपना स्थान बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया है। हाल ही में बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने विनय तिवारी की काबलियत को देखते हुए अभिनेता सुशांत सिंह की मृत्यु के केस में उन्हें जांच अधिकारी बनाया है।